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‘बात सीट की नहीं जीत की है’, गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव बोले- सीटों के बंटवारे से ज्यादा जीतने पर जोर

Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव ने गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर कहा कि मकसद सीटों की संख्या नहीं, बल्कि गठबंधन की जीत सुनिश्चित करना है। उन्होंने लोकतंत्र, संविधान, आरक्षण और देश के सौहार्द को लेकर भी अपनी बात रखी।
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लखनऊ

•

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Ankit Sai

•

Oct 04, 2026

Akhilesh Yadav

अखिलेश यादव (photo- ians)

Uttar Pradesh Politics News:उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कहा कि बात इस पर नहीं है कि कितनी सीटें मिलेंगी या कौन सी सीट किसके पास जाएगी, बल्कि मकसद गठबंधन की जीत सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह जीत सभी दलों की संयुक्त कोशिश की होगी। अखिलेश यादव ने कहा कि यह प्रयास सांप्रदायिकता को फिर सिर न उठाने देने, लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण पर आंच न आने तथा देश का सौहार्द बनाए रखने के लिए है। उन्होंने देश की तरक्की और खुशहाली की बात भी कही।

राहुल को लेकर शिवपाल का दावा

वहींं, मीडिया से बातचीत के दौरान शिवपाल सिंह पटेल ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाती, स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि उनके सबसे बड़े नेता राहुल गांधी अपनी सीट छोड़ने को तैयार थे। वह अमेठी की जगह दूसरी जगह यानी रायबरेली से चुनाव लड़े वह बहुत डरे हुए थे। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को चुनाव लड़ने के लिए भरोसा दिलाया था।

अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को मनाया- शिवपाल

शिवपाल सिंह पटेल ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन्हें भरोसा दिलाया और चुनाव लड़ने के लिए मनाया। उनसे कहा कि आप चुनाव लड़िए, अगर आप नहीं लड़ेंगे तो हम अपना उम्मीदवार उतार देंगे। इसके बाद ही राहुल गांधी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हुए, वरना वह उस परंपरागत सीट से चुनाव लड़ने को लेकर बेहद अनिच्छुक थे, जिसे नेहरू परिवार की सीट कहा जाता है। शिवपाल ने दावा किया कि अखिलेश यादव के मनाने के बाद ही राहुल गांधी रायबरेली से जीत पाए।

कांग्रेस को सपा के वोट मिले

सपा सांसद ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को गठबंधन के तहत जिन सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला, वहां सपा ने पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का एक-एक वोट कांग्रेस को मिला। इसी वजह से वे छह सीटें जीत पाए। शिवपाल ने कहा कि सपा ने उत्तर प्रदेश में 37 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस छह सीटों पर जीत दर्ज कर सकी थी।

गठबंधन टूटा तो कांग्रेस पर दावा

शिवपाल ने कहा कि अगर हम गठबंधन में आगे बढ़ते हैं तो निश्चित रूप से फायदा होगा। अगर गठबंधन नहीं भी होता है तो हमें कोई खास नुकसान नहीं होगा, लेकिन उनका आंकड़ा जीरो हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अगर वे गठबंधन में चुनाव नहीं लड़ते हैं तो उनकी सीटें जीरो होंगी। जनता समझ जाएगी कि वे केवल वोट काटने के लिए उम्मीदवार उतार रहे हैं। अगर वे वोट कटवा की भूमिका निभाएंगे तो जीरो पर पहुंच जाएंगे।

कांग्रेस ने दिया जवाब

शिवपाल के बयान पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को ऐसे बयान देने वाले नेताओं को नियंत्रित करना चाहिए। INDIA गठबंधन की वजह से ही वह सांसद बने हैं। उन्हें अपनी सीमा पता होनी चाहिए और इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए।