
मासूम को नहीं पता कि मां और दादी की हो गई मौत
छह साल का मुस्तफा लखनऊ में इमारत गिरने के हादसे में बाल-बाल बच गया, लेकिन उसने अपनी मां उजमा और दादी बेगम हैदर को खो दिया। बचे 14 लोगों में शामिल मुस्तफा का एसपीएम सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बच्चे ने बताई आप -बीती
लड़के ने कहा कि यह उसके पसंदीदा कार्टून शो से सीखे गए सबक थे। जिसने उसकी जान बचाई। मुस्तफा ने कहा, "मैं डर गया था लेकिन मुझे कार्टून शो 'डोरेमोन' का एक एपिसोड याद आया, जिसमें नोबिता को भूकंप के दौरान घर के कोने में या बिस्तर के नीचे छिपकर खुद को बचाने के बारे में दिखाया गया था। एक सेकंड बर्बाद किए बिना, मैं बिस्तर के नीचे छिप गया।”
मुस्तफा के पिता सपा के प्रवक्ता है
उसने कहा, "मैंने मम्मी को भागते और चिल्लाते देखा। कुछ ही समय में पूरी इमारत ढह गई और सब कुछ अंधेरा हो गया।" मुस्तफा के पिता अब्बास हैदर जो समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता है। घटना के समय घर पर नहीं थे, जबकि उनके दादा, अमीर हैदर इस घटना में बाल-बाल बच गए।
मासूम को नहीं पता कि मां और दादी की हो गई मौत
मुस्तफा को उसकी मां के निधन के बारे में नहीं बताया गया था। क्योंकि परिवार ने सोमवार को मुस्तफा के दादा-दादी की शादी की गोल्डन जुबली, घर में सभी ने मिलकर मनाई थी। किसी की हिम्मत नहीं हो रही की यह कैसे कहे की माँ और दादी का निधन हो गया है।
Published on:
27 Jan 2023, 4:36 PM IST
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