
पद ग्रहण करते ही अग्निकांड पीड़ितों के बीच पहुंचे प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, बांटा दुख-दर्द और हर संभव मदद का दिया भरोसा (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
BJP State Vice President Neeraj Singh Meets Lucknow Fire Victims Right After Taking Charge : भारतीय जनता पार्टी के नव-नियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने पद ग्रहण करते ही जनसेवा और संवेदनशील राजनीति का परिचय दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद शुक्रवार कोलखनऊ पहुंचते ही उन्होंने किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने या औपचारिक स्वागत समारोह में जाने के बजाय हाल ही में हुए अग्निकांड के पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात कर उनके दुख-दर्द को साझा किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी को गहरे संकट में डाल दिया है। आग की इस घटना में कई लोगों के घर, घरेलू सामान और जीवन भर की जमा-पूंजी पलभर में जलकर राख हो गई। घटना के बाद से ही प्रभावित परिवार सदमे में हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ऐसे समय में प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह का उनके बीच पहुंचना पीड़ितों के लिए बड़ी राहत और संबल साबित हुआ।
नीरज सिंह ने एक-एक परिवार से मिलकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों से बातचीत की और घटना के दौरान हुए नुकसान की जानकारी ली। कई परिवारों ने अपने सामने आई कठिनाइयों और भविष्य की चिंताओं को उनके सामने रखा, जिस पर उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक चर्चा करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
राजनीति में अक्सर यह कहा जाता है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय जनता के बीच नजर आते हैं, लेकिन नीरज सिंह ने पद संभालते ही सीधे पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर यह संदेश दिया कि राजनीति केवल सत्ता और पद तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के दुख-दर्द में सहभागी बनने का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने घर और मेहनत की कमाई को आग में खो देना बेहद पीड़ादायक होता है। ऐसे कठिन समय में समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि प्रभावित परिवारों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे व्यक्तिगत स्तर पर और पार्टी संगठन के माध्यम से भी पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए प्रयास करेंगे।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान नीरज सिंह ने कहा कि वे इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावित लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी संपर्क कर राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान हुआ है, उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसी भी परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। समाज के सभी वर्गों को आगे आकर प्रभावित परिवारों की सहायता करनी चाहिए, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को सामान्य ढंग से शुरू कर सकें।
नीरज सिंह के आगमन से पीड़ित परिवारों के चेहरों पर कुछ हद तक राहत दिखाई दी। परिवारों ने कहा कि जब कोई जनप्रतिनिधि स्वयं उनके घर पहुंचकर उनका हालचाल पूछता है, तो उन्हें यह एहसास होता है कि वे अकेले नहीं हैं और समाज उनके साथ खड़ा है।
कई लोगों ने प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद सीधे उनके बीच पहुंचने पर नीरज सिंह का आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि आज के समय में ऐसे नेता कम देखने को मिलते हैं, जो पद संभालने के तुरंत बाद जनता के दुख-दर्द को प्राथमिकता देते हैं।
इस दौरान नीरज सिंह ने कहा कि उनके लिए संगठन में मिला नया दायित्व सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा ही उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य है और वे हमेशा जनता के सुख-दुख में सहभागी बनने का प्रयास करते रहेंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद उनका पहला कार्यक्रम पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचना इस बात का संकेत है कि वे अपने नए दायित्व को जनता की सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़कर देख रहे हैं।
लखनऊ के अग्निकांड पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर नीरज सिंह ने यह साबित कर दिया कि जनप्रतिनिधि का वास्तविक दायित्व केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज के हर वर्ग के दुख और संकट में उनके साथ खड़े रहना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
पद ग्रहण करने के तुरंत बाद पीड़ितों के घर पहुंचकर उन्होंने संवेदनशील राजनीति की एक मिसाल पेश की है। उनके इस कदम की स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा सराहना की जा रही है। लोगों का मानना है कि ऐसे प्रयास न केवल पीड़ित परिवारों को मानसिक संबल प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में विश्वास और मानवीय मूल्यों को भी मजबूत करते हैं।
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Published on:
27 Jun 2026 12:05 pm
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