
बच्चों के इलाज में कोई कोताही नहीं! CM योगी ने डॉक्टरों को दिए सख्त निर्देश, खाने-पीने की भी व्यवस्था करने को कहा
Food Poisoning Cm: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह लोकबंधु अस्पताल पहुंचे और फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में भर्ती सभी 16 बच्चों से मुलाकात की और डॉक्टरों को उनके समुचित इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत कर उनकी तबीयत में सुधार का जायजा लिया और उन्हें जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खुशी जाहिर की और उनका अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल के डॉक्टर्स और अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चे पूरी तरह स्वस्थ न हो जाएं, तब तक उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज न किया जाए। साथ ही, सीएम ने उनके खाने-पीने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। लोकबंधु अस्पताल के एमएस डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित 16 बच्चों को गुरुवार को वार्ड नंबर 30 के अंतर्गत भर्ती किया गया था। फिलहाल, सभी बच्चों की हालत स्थिर है और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
अस्पताल में बच्चों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक नजर आए। उन्होंने बच्चों से उनकी तबीयत के बारे में पूछा और उन्हें जल्द ठीक होने की हिम्मत दी। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता को देखकर बच्चों और उनके अभिभावकों ने आभार जताया। अस्पताल में भर्ती बच्चों ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर खुशी जाहिर की।
फूड प्वाइजनिंग की इस घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं। डॉक्टर्स ने बताया कि दूषित भोजन के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी, लेकिन समय पर उपचार मिलने से अब वे खतरे से बाहर हैं। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि बच्चों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा, खाद्य एवं औषधि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव लीना जौहरी, लखनऊ मंडलायुक्त डॉ. रौशन जैकब, जिलाधिकारी विशाख जी, अस्पताल के एमएस डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी, डॉ. सरोज और डॉ. राजीव दीक्षित भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बच्चों की स्थिति और उनके इलाज की प्रगति की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि फूड प्वाइजनिंग जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
Updated on:
28 Mar 2025 12:38 pm
Published on:
28 Mar 2025 12:38 pm
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