प्रशिक्षण में बताया जा रही कि प्रदेश में अभी जो स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के घरों और दुकानों में लगाए हैं, वे टू-जी नेटवर्किंग के हैं। इनमें से 80 प्रतिशत मीटर अलग अलग डिवीजन के हैं। बता दे कि जो नए मीटर आएंगे, उनकी तकनीक भी पहले जैसी होगी। सिर्फ मॉडम टू जी से फोर जी तकनीक का होगा। इसमें फोरजी तकनीक वाले सिमकार्ड लगेंगे। इससे मीटरों की समस्याएं भी दूर होंगी। 14 जिलों के 65 लाख उपभोक्ताओं के घर, दफ्तर या अन्य प्रतिष्ठानों पर बिजली के प्रीपेड मीटर लगेंगे।