
सोने के आभूषण देखते ग्राहक, खरीदारी से पहले शुद्धता और अंतिम कीमत की जानकारी लेते लोग। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Gold Price: लखनऊ समेत सर्राफा बाजार में गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी के भाव को लेकर ग्राहकों की नजर बाजार की ताजा दरों पर बनी रही। सर्राफा एसोसिएशन की ओर से जारी खुदरा बिक्री दरों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 1,53,200 रुपये दर्ज किया गया। वहीं अलग-अलग शुद्धता वाले सोने के भाव भी जारी किए गए हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि बताए गए बिक्री रेट में जीएसटी, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क चार्ज अतिरिक्त होंगे। ऐसे में आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को अंतिम बिल की राशि बाजार भाव से अलग हो सकती है।
सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक 1 अक्टूबर को 24 कैरेट शुद्ध सोने का खुदरा बिक्री भाव 10 ग्राम के लिए 1,53,200 रुपये रहा। 24 कैरेट सोने को सबसे अधिक शुद्धता वाला सोना माना जाता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से निवेश और कुछ विशेष प्रकार के आभूषणों में किया जाता है। बाजार में इसकी कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत, रुपये की विनिमय दर, मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर पड़ता है। त्योहारी और वैवाहिक खरीदारी के लिहाज से भी सोने की कीमतों में होने वाला बदलाव ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कीमत अधिक होने की स्थिति में कम वजन के आभूषण खरीदने या बजट के अनुसार कैरेट बदलने की प्रवृत्ति देखने को मिल सकती है।
एसोसिएशन की ओर से 22 कैरेट सोने की दर भी जारी की गई है। दी गई सूचना में 22 कैरेट के लिए 1,409,000 रुपये/92 प्रतिशत का उल्लेख है। चूंकि यह दर 10 ग्राम के खुदरा भाव के संदर्भ में दी गई अन्य दरों से अलग दिखाई देती है, इसलिए इसे प्रकाशित करने से पहले संबंधित सराफा एसोसिएशन या स्रोत से दोबारा सत्यापित करना उचित होगा। वहीं 18 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 1,16,200 रुपये बताया गया है। 18 कैरेट सोने में शुद्ध सोने की मात्रा 24 कैरेट की तुलना में कम होती है और इसमें अन्य धातुओं का मिश्रण होता है। इसी वजह से 18 कैरेट के आभूषणों की कीमत 24 कैरेट की तुलना में अलग होती है।
कम शुद्धता वाले सोने की श्रेणी में 14 कैरेट सोने का खुदरा भाव 10 ग्राम के लिए 92,600 रुपये दर्ज किया गया है। सराफा बाजार में अलग-अलग कैरेट के सोने की कीमत उन आभूषणों के खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण होती है, जो अपने बजट के अनुसार विकल्प तलाशते हैं। 14 कैरेट और 18 कैरेट सोने के आभूषणों में डिजाइन, मजबूती और कीमत के आधार पर अंतर होता है। इसलिए खरीदारी के समय ग्राहक को केवल सोने की कीमत ही नहीं, बल्कि उसकी शुद्धता और आभूषण की कुल लागत की जानकारी भी लेनी चाहिए।
सोने के साथ चांदी की कीमत भी सराफा बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है। सराफा एसोसिएशन की ओर से 1 अक्टूबर को चांदी का भाव 2,31,000 रुपये बताया गया है। दी गई सूची में चांदी की दर के साथ वजन की इकाई स्पष्ट रूप से उल्लेखित नहीं है, इसलिए प्रकाशित खबर में इसे एसोसिएशन द्वारा जारी दर के रूप में ही देखा जाना चाहिए और अंतिम प्रकाशन से पहले वजन की इकाई की पुष्टि करना उचित रहेगा। चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा सिक्कों, बर्तनों, धार्मिक सामग्री और औद्योगिक क्षेत्र में भी किया जाता है। ऐसे में चांदी के भाव में बदलाव का असर अलग-अलग वर्ग के खरीदारों पर पड़ता है।
सराफा एसोसिएशन ने साफ किया है कि जारी किए गए रेट खुदरा ग्राहक के लिए बिक्री दर हैं, लेकिन जीएसटी, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क शुल्क अतिरिक्त होंगे। इसका मतलब है कि ग्राहक को आभूषण खरीदते समय केवल सोने की दर के आधार पर कुल भुगतान का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। आभूषण का अंतिम बिल तैयार करते समय सोने की कीमत के साथ आभूषण का वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और लागू हॉलमार्क संबंधी शुल्क शामिल हो सकते हैं। अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज डिजाइन और काम की जटिलता के आधार पर अलग हो सकता है।
सोने या चांदी की खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे आभूषण की शुद्धता, वजन और अंतिम कीमत की पूरी जानकारी दुकानदार से लें। हॉलमार्क और बिल से संबंधित विवरण भी जांचना उपयोगी रहता है। खासकर जब सोने की कीमत ऊंचे स्तर पर हो, तब छोटी मात्रा में कीमत का अंतर भी कुल बिल पर असर डाल सकता है। सर्राफा बाजार में रोजाना कीमतों में बदलाव संभव है। इसलिए ग्राहक खरीदारी से पहले उसी दिन की ताजा दर की पुष्टि कर लें। 1 अक्टूबर को जारी दरें बाजार की उस दिन की स्थिति को दर्शाती हैं और अंतिम खरीद मूल्य पर जीएसटी, मेकिंग तथा हॉलमार्क शुल्क का असर अलग से पड़ सकता है।
अक्टूबर का महीना शुरू होने के साथ ही त्योहारी और आगामी वैवाहिक सीजन को देखते हुए सराफा बाजार में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद रहती है। सोने और चांदी की कीमतें ग्राहकों के खरीदारी निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार की दरों पर ग्राहकों और कारोबारियों दोनों की नजर बनी रहेगी। सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी 1 अक्टूबर की दरों ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि सोना-चांदी खरीदते समय बाजार भाव के साथ-साथ अतिरिक्त शुल्कों को समझना भी जरूरी है। ग्राहकों के लिए सही वजन, शुद्धता और अंतिम बिल की जानकारी लेना खरीदारी का अहम हिस्सा रहेगा।
Updated on:
01 Oct 2026 01:07 pm
Published on:
01 Oct 2026 01:07 pm
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