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‘ज्ञानेश कुमार की भूमिका संदिग्ध, तुरंत दें इस्तीफा’, सपा नेता बोले- चुनाव आयुक्त नियुक्ति की पुरानी प्रक्रिया बहाल करने के लिए संघर्ष करेगा विपक्ष

Opposition Protest 6 October: सपा नेता फखरुल हसन चांद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। सपा नेता ने कहा कि उनके खिलाफ सामने आ रहे तथ्यों और उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें खुद ही पद छोड़ देना चाहिए।
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लखनऊ

•

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Aman Pandey

•

Oct 02, 2026

samajwadi party

Fakhrul Hasan Chand Statement: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और संपूर्ण विपक्ष ने केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 6 अक्टूबर को विपक्षी दल एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, पूरे मामले की जांच और चुनाव आयोग में नियुक्तियों की प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

सपा नेता फखरुल हसन चांद का कहना है कि जिस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है और उनके खिलाफ जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उसके बाद उन्हें स्वतः ही अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही मांग कर चुके हैं कि इस पूरे मामले में सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) को हस्तक्षेप करना चाहिए।

6 अक्टूबर को लोकतांत्रिक तरीके से होगा विरोध

विपक्ष की रणनीति साझा करते हुए सपा नेता ने बताया कि 6 अक्टूबर को पूरा विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञानेश कुमार का विरोध करेगा। इस दौरान न केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मामले की जांच की मांग उठाई जाएगी, बल्कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी संघर्ष किया जाएगा।

नियुक्ति प्रक्रिया को दोबारा लागू करने के लिए संघर्ष

सपा नेता ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर जो पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित की थी, केंद्र सरकार ने उसमें बदलाव कर दिया। विपक्ष अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से सुझाई गई पुरानी और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया को फिर से बहाल कराने के लिए जन-संघर्ष करेगा।

उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूचियों से मतदाताओं के नाम काटने और चुनावी धांधली के मुद्दों पर पूरा विपक्ष एकजुट है और चुनाव आयोग की निष्पक्षता बहाल कराने के लिए मिलकर लड़ाई लड़ेगा।

उधर, शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बामपंथी दलों (Left), आम आदमी पार्टी (AAP) और AISA जैसे छात्र संगठनों ने एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया। RJD सांसद मनोज झा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी आम जनता से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान आप नेताओं के जंतर-मंतर पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

सुरक्षा के लिहाज से लुटियंस दिल्ली में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है। एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के 11 प्रमुख स्टेशनों (जिनमें राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, जनपथ, मंडी हाउस और लोक कल्याण मार्ग शामिल हैं) के एंट्री और एग्जिट गेटों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।

दूसरी ओर, यह विरोध अब महाराष्ट्र तक भी पहुंच चुका है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में शाम 4 बजे से बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। विपक्षी दलों का कहना है कि जब तक चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया बहाल नहीं होती, उनका यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।