
शराब की दुकान
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश के पांच शहरों में लाॅकडाउन लगाने का आदेश देते ही सबसे अधिक भीड़ शराब की दुकानों पर देखी गई। शराब के शौकीन लोग लाॅकडाउन लगने से पहले अपना कोटा फुल करने के लिये शराबखानों के बाहर भीड़ का हिस्सा बन गए। हालांकि बाद में यूपी सरकार ने लाॅक डाउन लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन तब तक इन शहरों में लोगों ने जमकर मदिरा खरीदी।
दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए यूपी के प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर में लॉकडाउन लगानेका आदेशद दिया था। कोर्ट ने कहा था कि निजी और सरकारी सभी प्रतिष्ठानों को 26 अप्रैल तक बंद कर दिया जाए। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं को ही छूट हो। हाईकोर्ट का यह आदेश आते ही न्यूज की सुर्खियां बना और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। दिल्ली में लाॅकडाउन लगने के बाद यूपी इन यूपी में लाॅकडाउन की आशंका से सब्जियां, राशन और जरूरी सामानों समेत शराब की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई।
हालांकि यूपी सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह कहते हुए लाॅकडाउन लगाने से इनकर कर दिया कि इससे गरीबों पर असर पडत्रेगा। सरकार की ओर यह तर्क दिया गया कि सम्पूर्ण लाॅकडाउन से नुकसान होगी। गरीबों की आजीविका पर असर पड़ेगा। यह भी बताया गया कि प्रदेश में लोग खुद से आगे आकर बंदी कर रहे हैं।
बताते चलें कि बीते साल कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद लगे लाॅक डाउन के बाद तीसरे चरण में प्रतिबंधों में मिली छूट के साथ ही 40 दिन बाद जब प्रदेश में 26,000 शराब की दुकानें फिर से खुलीं तो उनपर जबरदस्त भीड़ नजर आई। पहले ही करीब 100 करोड़ रुपये के आसपास की शराब बिक गई थी। छूट मिलते ही शराब के ठेकों और दुकानों पर लम्बी-लम्बी कतारें देखने को मिली थीं।
Published on:
20 Apr 2021, 10:44 AM IST
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