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सीएम योगी नाराज, ड्यूटी में लापरवाही के लिए 73 अफसरों को नोटिस, होगा ऐक्शन

योगी आदित्यनाथ सरकार ने जनता की शिकायतों का समाधान करने में विफल रहने वाले 73 अफसरों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस आदि द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट, जन सुनवाई पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त फीडबैक के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं।  
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लखनऊ

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 2 Sep 2022, 10:48 AM IST

CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath

यूपी में योगी सरकार ने जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं करने पर अफसरों पर कड़ा रुख आख्तियार किया है। इन लापरवाह अफसरों की वजह से जनता के बीच सरकार की छवि धूमिल हो सकती है। चुनाव 2024 नजदीक है। इसी के तहत योगी आदित्यनाथ सरकार ने जनता की शिकायतों का समाधान करने में विफल रहने वाले 73 अफसरों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस आदि द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट, जन सुनवाई पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त फीडबैक के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। जिन अधिकारियों को नोटिस भेजे गए हैं उनमें 10 विभागाध्यक्ष, 5 आयुक्त, 10 जिला मजिस्ट्रेट, 5 विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष, 5 नगर आयुक्त और 10 तहसीलदार शामिल हैं। इनके साथ ही 3 एडीजी, और आईजी, 5 आईजी और डीआईजी, 10 कमिश्नरेट, एसएसपी एसपी के साथ ही 10 पुलिस थानों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

खराब प्रदर्शन पर पहचाने गए विभाग

जन शिकायतों और मुद्दों को संबोधित करने के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की पहचान कर्मियों, आयुष, तकनीकी शिक्षा, कृषि विपणन, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास, आवास और शहरी नियोजन, व्यावसायिक शिक्षा, नमामि गंगे और ग्रामीण जल आपूर्ति और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन के रूप में की गई है।

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लापरवाही के आरोप में स्पष्टीकरण मांगा

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, मुख्यमंत्री ने राज्य के 73 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे लापरवाही के आरोप में स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस जुलाई महीने की एक रिपोर्ट के आधार पर जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी विभागों, प्रशासन और पुलिस के साथ कई बैठकें की हैं। जिसमें सभी अवसरों पर यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए। इतनी चेतावनियों के बावजूद, जब अधिकारियों और विभागों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने लगी तो मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर और भी सख्त रुख अपनाया है।

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खराब प्रदर्शन वाले विभाग

मंडलायुक्त :- मेरठ, वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, देवीपाटन।

डीएम :- जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी, कन्नौज, सोनभद्र, मिर्जापुर, श्रावस्ती, कासगंज, मथुरा, बस्ती।

विकास प्राधिकरण :- बागपत, सिद्धार्थनगर, जालौन, उन्नाव व सोनभद्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, मेरठ, कानपुर नगर, अलीगढ़, सहारनपुर व मथुरा के नगर आयुक्त।

तहसील :- सोनभद्र की रॉबर्ट्सगंज, घोरावल व दुद्धी, अंबेडकरनगर की आलापुर, बहराइच की कैसरगंज, वाराणसी की राजा तालाब, लखीमपुर की धौरहरा, अमेठी की गौरीगंज, गाजीपुर की कासिमाबाद तथा कन्नौज की कन्नौज तहसील।