तमाम पार्टियों ने सिर्फ वोट बैंक समझा :- डॉ. संजय निषाद ने कहाकि, आजादी के बाद भी हमारा मछुआ समाज आजाद विहिन है, भूखमरी, बेरोजगारी, शिक्षा के अधिकार से विहिन इस मछुआ समाज को आजादी नहीं मिली हैं। आजादी के इतने वर्षों तक देश और प्रदेश में राज भोगने वाली कांग्रेस-एसपी-बीएसपी समेत तमाम पार्टियों ने मछुआ समाज को केवल वोट बैंक समझा और चुनाव के बाद इनका अधिकारों को छीनने का काम किया। निषाद पार्टी का 16 अगस्त 2016 में जब गठन हुआ तब मझवार, गौड़, तुरैहा, खरवार, बेलदार, खरोट, कोली आदि जाति व उपजातियों को भारत के नागरिक होने के बाद भी इन्हें मिलने वाले 5 मौलिक अधिकार से भी वंचित रखा गया था।