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सड़क दुर्घटना में यूपी में सबसे अधिक लोगों ने गंवाई जान

Road Accident in UP एक रिपोर्ट के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2020 में यूपी में सबसे ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई। इस दौरान 30.1 प्रतिशत मौतें और 26 प्रतिशत चोट की घटनाएं हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करने के कारण हुईं। 11 प्रतिशत से अधिक मौतें और घायल होने की घटनाएं सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने के कारण हुईं हैं।
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लखनऊ

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 26 May 2022, 5:19 PM IST

सड़क दुर्घटना में यूपी में सबसे अधिक लोगों ने गंवाई जान

सड़क दुर्घटना में यूपी में सबसे अधिक लोगों ने गंवाई जान

एक रिपोर्ट के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2020 में यूपी में सबसे ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई। पर तमिलनाडु में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं हुईं। 2020 में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज करने वाले प्रमुख राज्य तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और केरल हैं। इस दौरान 30.1 प्रतिशत मौतें और 26 प्रतिशत चोट की घटनाएं हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करने के कारण हुईं। 11 प्रतिशत से अधिक मौतें और घायल होने की घटनाएं सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने के कारण हुईं हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की नई रिपोर्ट ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं-2020’ के अनुसार, कुल 1,20,806 घातक दुर्घटनाओं में से 43,412 (35.9 प्रतिशत) दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर, 30,171 दुर्घटनाएं (25 प्रतिशत) राज्य के राजमार्गों पर हुईं हैं। 47,223 दुर्घटनाएं (39.1 प्रतिशत) अन्य सड़कों पर हुईं।

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घातक दुर्घटनाओं की संख्या घटी

वर्ष 2020 में घातक दुर्घटनाओं की कुल संख्या 2019 के 1,37,689 के आंकड़े से 12.23 प्रतिशत कम है। रिपोर्ट में कहा गया है, सड़क दुर्घटना की गंभीरता को प्रति 100 दुर्घटनाओं में मारे गए व्यक्तियों की संख्या से मापा जाता है।

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18-45 वर्ष वाले अधिक हुए दुर्घटनाग्रस्त

रिपोर्ट में कहा गया कि 2020 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों की कुल संख्या 2019 की तुलना में 12.6 प्रतिशत कम थी। दुर्घटना की चपेट में आने वालों में 18-45 वर्ष के आयु वर्ग के युवा वयस्कों का हिस्सा 69 प्रतिशत था। 18-60 वर्ष के कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की हिस्सेदारी कुल सड़क दुर्घटनाओं में 87.4 प्रतिशत थी।

हेलमेट न पहनने से 26 फीसद चोटिल

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में 30.1 प्रतिशत मौतें और 26 प्रतिशत चोट की घटनाएं हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करने की वजह से हुईं है। 11 प्रतिशत से अधिक मौतें और घायल होने की घटनाएं सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने से हुईं।

10 साल पुराने वाहन से 50 फीसद दुर्घटना

रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में 50 प्रतिशत से अधिक दुर्घटनाओं और मौतों के लिए 10 साल तक के वाहनों का योगदान रहा, इसके बाद 10-15 साल पुराने वाहनों (12.8 प्रतिशत) और 15 वर्ष (12 प्रतिशत) से अधिक के वाहनों का स्थान है।