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Mayor Sushma Kharkwal: लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में महिला पार्षद कक्ष का महापौर सुषमा खर्कवाल ने अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कक्ष में पुरुष ठेकेदारों की मौजूदगी देख महापौर ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मौके पर उपस्थित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को कड़ी चेतावनी दी कि भविष्य में अगर किसी भी पुरुष को महिला पार्षद कक्ष में पाया गया, तो उसे तुरंत बर्खास्त कर दिया जाएगा। महापौर का यह सख्त रवैया महिला पार्षदों की सुरक्षा और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
महापौर का सख्त संदेश: महिला पार्षदों की सुरक्षा सर्वोपरि महापौर सुषमा खर्कवाल ने महिला पार्षद कक्ष के निरीक्षण के दौरान देखा कि वहां पर कुछ पुरुष ठेकेदार बैठे हुए थे। इस पर उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए कहा कि यह कक्ष केवल महिला पार्षदों के लिए है और किसी भी पुरुष को यहां आने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसा दोबारा हुआ तो वह संबंधित कर्मचारी को बर्खास्त करने से भी नहीं हिचकिचाएंगी। महापौर का यह कदम महिला पार्षदों के लिए सुरक्षित और अनुकूल कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में है।
चेतावनी के बाद नगर निगम में मचा हड़कंप महापौर द्वारा दिए गए निर्देश के बाद नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कक्ष में बैठे पुरुष ठेकेदारों को तुरंत वहां से बाहर किया गया और इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला पार्षदों की कार्यशीलता को ध्यान में रखते हुए कक्ष का उपयोग केवल उनके लिए होना चाहिए, और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए महापौर का सख्त रुख महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि लखनऊ नगर निगम के मुख्यालय में महिला पार्षदों की सुविधा और सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्देश का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वह इस मामले में विशेष ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि महिला पार्षद कक्ष में कोई भी पुरुष प्रवेश न करे।
Updated on:
20 Oct 2024 07:49 am
Published on:
20 Oct 2024 07:49 am
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