बता दें कि, चाचा को पैरोल न मिलने से चाची के शव का अंतिम संस्कार मंगलवार को भी नहीं हो पाया था। किशोरी की चाची और मौसी की रविवार को रायबरेली जिले में हुए रहस्यमय सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पुलिस ने जद्दोजहद के बाद दोनों शवों का लखनऊ में पोस्टमार्टम तो करा दिया, लेकिन अंतिम संस्कार करने के लिए घर में कोई पुरुष के न होने से रायबरेली जेल में बंद उसके पति महेश (किशोरी के चाचा) ने डीएम से पैरोल मांगी थी।