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सपा को तीसरी राज्यसभा सीट के लिए चाहिए 9 वोट, BJP के 6-7 विधायक संपर्क में होने का दावा

Rajya Sabha Elections In UP: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10वीं सीट के लिए सपा और भाजपा के बीच मुकाबला रोचक हो गया है। दोनों दलों के पास अपने दम पर पर्याप्त संख्या बल नहीं है। सपा को तीसरी सीट के लिए 9 अतिरिक्त वोट चाहिए, जबकि भाजपा को आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त मत जुटाने होंगे। ऐसे में दोनों दलों की नजर दूसरे खेमे के विधायकों पर है और क्रॉस वोटिंग अहम भूमिका निभा सकती है।
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लखनऊ

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Ankit Sai

•

Oct 01, 2026

Samajwadi Party

सीएम योगी और अखिलेश यादव (ANI Photo)

Uttar Pradesh Rajya Sabha:उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10वीं सीट को लेकर सपा और भाजपा के बीच मुकाबला अब संख्या बल से आगे बढ़कर क्रॉस वोटिंग तक पहुंच गया है। दोनों दलों के पास अपने दम पर इस सीट को जीतने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं। ऐसे में दोनों तरफ से एक-दूसरे के विधायकों में सेंधमारी की कोशिशें शुरू हो गई हैं। सपा को तीसरी सीट के लिए 9 अतिरिक्त वोट चाहिए, जबकि भाजपा को 8वीं सीट हासिल करने के लिए अतिरिक्त मतों का इंतजाम करना होगा।

395 विधायक ही डाल सकेंगे वोट

राज्यसभा चुनाव में इस बार अधिकतम 395 वोट पड़ने की संभावना है। जेल में बंद सपा विधायक रमाकांत यादव वोट डालने नहीं आ पाएंगे। इसके अलावा विधानसभा के 7 पद रिक्त हैं। इस संख्या के हिसाब से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 36 वोटों की जरूरत होगी। सपा के पिछले राज्यसभा चुनाव में बागी हो चुके विधायकों को अलग कर दिया जाए तो कांग्रेस के दो विधायकों को मिलाकर उसके पास 99 वोट हैं। तीन सीटें जीतने के लिए 108 मतों की जरूरत होगी। यानी सपा को अपनी तीसरी सीट जीतने के लिए 9 अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे।

सुभासपा के दो वोट सपा के साथ

सुभासपा के दो विधायक अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय के वोट सपा को मिलने की बात तय मानी जा रही है। जगदीश नारायण राय ने पिछले चुनाव में भी सपा प्रत्याशी को वोट दिया था। सपा के रणनीतिकारों का दावा है कि एनडीए में शामिल निषाद पार्टी और अपना दल (सोनेलाल) के कुछ विधायक भी उनके संपर्क में हैं। सपा का कहना है कि इनमें कुछ ऐसे विधायक हैं, जो टिकट की गारंटी मिलने पर पाला बदलने के लिए तैयार बताए जा रहे हैं।

भाजपा के विधायकों पर भी सपा की नजर

सपा सूत्रों के मुताबिक भाजपा के 6 से 7 विधायक भी उसके संपर्क में हैं। दावा है कि ये विधायक टिकट की गारंटी मिलने पर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के लिए तैयार हैं। सपा सूत्रों का यह भी दावा है कि भाजपा सरकार के दो मंत्रियों को खुद इस बात की जानकारी है कि उनका टिकट कट सकता है। इनमें से एक मंत्री पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हैं और रालोद के चलते उन्हें असहज बताया जा रहा है। दूसरे मंत्री की सपा नेतृत्व से मुलाकात भी हो चुकी है।

तीसरी सीट के लिए जोड़-तोड़ तेज

सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी अपने तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए जरूरी अतिरिक्त मतों का इंतजाम कर लेगी। दूसरी तरफ भाजपा के सामने भी अपनी आठवीं सीट बचाने की चुनौती है। यही वजह है कि दोनों दल अपने-अपने खेमे को मजबूत करने के साथ दूसरे दलों के विधायकों पर भी नजर रख रहे हैं। 10वीं सीट का फैसला अब केवल तय संख्या बल से नहीं होगा। क्रॉस वोटिंग किस तरफ होती है, यही इस सीट के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी।