
Mulayam
मैनपुरी। मुलायम सिंह यादव और मैनपुरी दोनों का बहुत गहरा संबंध रहा है। मुलायम सिंह यादव ने यहां से लोकसभा के चार चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। मैनपुरी को मुलायम का गढ़ कहा जाता है। मैनपुरी में मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा चुनाव 2014 में जीत हासिल की लेकिन, उन्होंने आजमगढ़ की सीट चुनी और मैनपुरी को छोड़ दिया। मैनपुरी से उनके परिवार के युवा तेजप्रताप सिंह यादव चुनाव लड़े और उन्होंने रिकॉर्ड जीत हासिल की। मध्य प्रदेश की सीमाएं मैनपुरी से करीब पचास किलोमीटर दूरी पर लगती है। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी मैदान में उतर सकती है ऐसे में अखिलेश यादव अपनी जिताउ सीट मैनपुरी की चर्चा चुनावों में जरूर करेंगे।
विधानसभा चुनावों में भी मैनपुरी में चमकी साइकिल
मैनपुरी ने समाजवादी परिवार का साथ बखूबी दिया है। 2017 के विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा की लहर पूरे प्रदेश में चली थी और रिकॉर्ड बहुमत से भाजपा सत्ता में आई। तब भी मैनपुरी में समाजवादी पार्टी का मैजिक चला। मैनपुरी सदर, करहल और किशनी की सीटों पर सपा के विधायक चुने गए।
सदर विधानसभा में जीते राजकुमार
सदर विधानसभा सीट पर राजकुमार उर्फ राजू यादव को दूसरीबार पार्टी ने टिकट दिया था। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को निराश नहीं किया और बड़ी जीत हासिल की। मैनपुरी सदर से राजकुमार उर्फ राजू ने 75,787 वोट से जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के अशोक कुमार को 66,956 वोट से हराया। वहीं बहुजन समाजपार्टी के महाराज सिंह 48,314 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
सपा के कद्दावर नेता जीते
करहल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी पुराने और दिग्गज नेता सोबरन सिंह यादव को सपा ने टिकट थमाया था। उन्होंने 104,221 वोट से जीत हासिल की। यहां बसपा फिर से तीसरे नंबर रही। तो भारतीय जनता के प्रत्याशी रामशाक्य दूसरे नंबर पर 65,816 वोट लेकर आए।
किशनी में दौड़ी साइकिल
किशनी विधानसभा सीट पर ब्रजेश कुमार ने 80,475 वोट से जीत हासिल की थी। यहां भाजपा के सुनील कुमार को 63,946 वोट मिले। तो बहुजन समाज पार्टी की कमलेश कुमारी को 27,858 वोट मिले। इस चुनाव में दिलचस्प बात ये रही कि मैनपुरी ही ऐसा जिला था जहां से समाजवादी पार्टी ने चार सीटों में से तीन पर विजय हासिल की।
भोगांव विधानसभा सीट पर भाजपा का कमल खिला
भोगांव विधानसभा सीट एकमात्र ऐसी सीट थी जहां से कमल खिल सका था। भारतीय जनता पार्टी के राम नरेश अग्निहोत्री इस सीट से भाजपा की नाक बचाने में कामयाब रहे। उन्हें 92,697 वोट मिले। उनका मुकाबला यहां सपा के आलोक कुमार से रहा। आलोक कुमार को 72,400 वोट मिले। वहीं बसपा के सुरेंद्र सिंह 26,041 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
Updated on:
09 Oct 2018 11:00 am
Published on:
09 Oct 2018 11:00 am
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