योगी सरकार का गोवर्धन समेत मथुरा के छह स्थलों को सबसे बड़ा तोहफा

छह तीर्थस्थलों में शराबबंदी का निर्णय, दशकों पुरानी मांग पूरी की

By: Bhanu Pratap

Published: 06 Jun 2018, 09:12 AM IST

मथुरा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पौराणिक नगरी मथुरा को सबसे बड़ा तोहफा दिया है। मथुरा के छह तीर्थस्थल बल्देव, राधाकुंड, नंदगांव, गोवर्धन, गोकुल और बरसाना में शराबबंदी लागू कर दी है। वृंदावन में पहले से ही शराबबंदी लागू है। इसके साथ ही मथुरा के लोगों की दशकों पुरानी मांग पूरी हो गई है। हालांकि शराबबंदी से उत्तर प्रदेश सरकार को हर साल 11.10 करोड़ रुपये का घाटा होगा।

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इसलिए की गई शराबबंदी

लखनऊ में मंत्रिमंडलीय बैठक में शराबबंदी लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। बैठक में बताया गया गया कि नगर पंचायत बल्देव, राधाकुंड, नंदगांव, गोवर्धन, गोकुल और बरसाना का धार्मिक और पौराणिक महत्व है। इन्हें तीर्थस्थल घोषित किया जा चुका है। इसलिए शराबबंदी लागू की जाए। इन नगर पंचायतों को 22 मार्च, 2018 को तीर्थस्थल घोषित किया गया था। बता दें कि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा यहां शराबबंदी लागू कराने का प्रयास कर रहे थे।

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बल्देव

मथुरा जिले के कस्बे बल्देव में दाऊ जी महाराज का मंदिर है। दाऊजी श्रीकृष्ण के अग्रज थे। बल्देव का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। बल्देव में होली पर दाऊजी का हुरंगा जग प्रसिद्ध है।

राधाकुंड

गोवर्धन क्षेत्र में राधाकुंड नगर पंचायत है। कहते हैं कि इस कुंड का निर्माण स्वयं राधाजी ने अपनी चूड़ियों से गड्ढा खोदकर किया था। यहां स्नान करके लोग अपने पाप धोते हैं। यह स्थान गोवर्धन से पांच किलोमीटर दूर है।

नंदगांव

मथुरा जिले का यह छोटा सा नगर नंदीश्वर पहाड़ी पर बसा है। इस गांव को नंदबाबा (नंदराय) ने बसाया था, जिसके कारण नाम नंदगांव हो गया। भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुल के स्थान पर नंदगांव में ही अपना बचपन बिताया था।

गोवर्धन

बृजवासियों को इन्द्र के प्रकोप से बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाया था। गोवर्धन परिक्रमा जग प्रसिद्ध है। सात कोस की परिक्रमा में राधाकुंड, कुसुम सरोवर, मानसी गंगा, गोविन्द कुंज, श्याम कुंड, पूंछरी का लोटा, दानघाटी आदि पड़ते हैं। परिक्रमा दानघाटी मंदिर से शुरू होती है। गोवर्धन क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली है। गोवर्धन को भक्तजन गिर्राजजी के नाम से भी पुकारते हैं।

गोकुल

मथुरा के पूर्वी-दक्षिणी दिशा में स्थित गोकुल गांव में श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया था। यहां का मंदिर प्रसिद्ध है। मथुरा से 15 किलोमीटर दूर है। इस पार मथुरा तो उस पार गोकुल है।

बरसाना

भगवान श्रीकृष्ण की सबसे प्रिय राधा जी बरसाना की रहने वाली थीं। यहां पर राधारानी का प्रसिद्ध मंदिर है, जहां लठमार होली होती है। मथुरा आने वाले एक बार बरसाना जरूर जाते हैं। यहां राधे-राधे की गूंज होती रहती है।

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मथुरा शहर में भी हो शराबबंदी

वरिष्ठ पत्रकार मोहन श्याम शर्मा ने योगी सरकार के फैसले को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि तीर्थस्थलों पर शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए। शराब पीकर लोग तमाम तरह के उत्पात करते हैं। उन्होंने कहा कि अब जरूरत इस बात की है कि मथुरा शहर में भी पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए।

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