
कौन हैं दिनेश फलाहारी महाराज। फोटो-IANS वीडियो ग्रैब
Rasik Dulari Death Case: मथुरा में संतप्रेमानंद महाराज के शिष्य 25 वर्षीय दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की आत्महत्या से पहले का तीसरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रसिक दुलारी सीढ़ियों से छत की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उनकी धोती पर खून के निशान नजर आ रहे हैं। रसिक दुलारी ने 25 सितंबर की सुबह गऊ कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। 26 सितंबर को यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया था। घटना के दो दिन बाद उनके चौथी मंजिल से कूदने का CCTV फुटेज भी सामने आया था। SP सिटी राजीव कुमार सिंह के अनुसार, आत्महत्या के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए पुलिस लोगों से पूछताछ कर रही है। मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। इसी बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने बड़ा दावा किया है। आपको बताते हैं दिनेश फलाहारी महाराज के बारे में और उन्होंने क्या दावा किया है?
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज से बेलवन आश्रम छोड़कर गोवर्धन आने का आग्रह किया है। सोमवार को लिखे पत्र में उन्होंने आश्रम की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की और आश्रम में गुटबाजी का दावा किया। दिनेश फलाहारी ने आरोप लगाया कि एक गुट ने क्रिकेटर विराट कोहली को कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये देकर प्रेमानंद महाराज के दरबार में बुलाया था। उनके मुताबिक, इसके बाद महाराज की प्रसिद्धि देशभर में बढ़ी।
दिनेश फलाहारी ने आरोप लगाया कि साधु वेशधारी एक गुट बेलवन आश्रम के आसपास यमुना डूब क्षेत्र की जमीनों की खरीद-फरोख्त कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ भूमाफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से यमुना खादर की जमीन बेची जा रही है। इन आरोपों के आधार पर उन्होंने मामले की CBI जांच की मांग की है।
दिनेश फलाहारी महाराज उत्तर प्रदेश के हिंदूवादी नेता और श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष हैं। उनकी पहचान श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद में मुख्य याचिकाकर्ता के तौर पर बताई जाती है। इन दिनों वह संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत के मामले में दिए गए बयानों को लेकर चर्चा में हैं।
दिनेश फलाहारी अपने 'भीष्म संकल्प' के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने प्रतिज्ञा की है कि जब तक कान्हा की जन्मभूमि से मस्जिद का ढांचा पूरी तरह नहीं हट जाता, तब तक वह नंगे पैर रहेंगे।
वहीं, हाथरस के 16 वर्षीय अनुज चौधरी को बरसाना से खोजे जाने के बाद बाल कल्याण समिति ने उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है। हालांकि, 3 महीने तक वह कहां रहा, इस बारे में अनुज ने जानकारी नहीं दी है। अनुज शनिवार शाम लाड़ली कुंज आश्रम में मिला था। इससे पहले दो अक्टूबर को उसके परिजनों ने राधा केली कुंज आश्रम के बाहर धरना दिया था। इसके बाद उसकी तलाश तेज की गई थी। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की पुष्टि पत्रिका न्यूज टीम नहीं करती है।
Updated on:
06 Oct 2026 11:36 am
Published on:
06 Oct 2026 11:22 am
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