
मेरठ। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन बेटी की शादी में आए 28 रिश्तेदार लॉकडाउन के चलते फंस गए हैं। ये रिश्तेदार उसी दिन से अब तक बेटी के घर रुके हुए हैं, लेकिन अब बेटी के पिता ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि अब तक वह उधार के जरिए रिश्तेदारों के खाने का इंतजाम करता रहा, लेकिन अब उधार मिलना भी बंद हो गया है और अपने परिवार और रिश्तेदारों को खाने तक के लाले पड़ गए हैं, इसलिए सभी रिश्तेदारों को भिजवाने का प्रबंध किया जाए।
परतापुर के गांव रिठानी के नस्मी अहमद की बेटी की शादी 22 मार्च को थी। इसमें उनके रिश्तेदार सिवान और देवरिया से शामिल हुए थे। इस दिन जनता कर्फ्यू के कारण बनारस कैंट से दूल्हा और पांच बाराती आए थे। शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन और बाराती विदा हो गए थे, लेकिन नस्मी अहमद के 28 रिश्तेदार यहीं फंसे रह गए थे, क्योंकि जनता कफ्र्यू के बाद से लॉकडाउन शुरू हो गया था। इन रिश्तेदारों में 14 पुरुष, 6 महिलाएं और 8 बच्चे शामिल हैं। ये सभी नस्मी अहमद के घर पर ही रह रहे हैं। घर भी ज्यादा बड़ा नहीं है। इसकेे कारण निर्धारित दूरी का पालन नहीं हो रहा है।
नस्मी अहमद का कहना है कि तब से लेकर अब तक वह किसी तरह रिश्तेदारों के खाने-पीने का इंतजाम करता रहा। इसके लिए कर्ज भी लेना पड़ा। अब दिक्कतें शुरू हो गई हैं। उसके खेत में फसल खड़ी है, लेकिन खाने के इंतजाम से परेशान वह कटाई भी नहीं कर पा रहा है। घर में ज्यादा लोग होने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का भी उल्लंघन हो रहा है। नस्मी अहमद ने परतापुर थाने में इसको लेकर गुहार लगाई है। इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि इस संबंध में शिकायत आयी है और इस समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा और रिश्तेदारों को उनके घर भेजा जाएगा।
Published on:
02 May 2020 02:04 pm
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