
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में मेरठ व आसपास जिलों से आए हुए कोरोना पॉजिटिव व संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। जिसके चलते मेरठ मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज से समय-समय पर मरीज फरार होते रहे हैं। पिछले दिनों दस मरीज यहां से फरार हो गए थे, हालांकि उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आयी थी। अब ऐसा ही एक मामला सामने आया है। गाजियाबाद के मोहन नगर का मूल निवासी व अब गंगानगर में रहने वाला एक टीबी पेशेंट मेडिकल कालेज में काफी दिनों से एडमिट था। बीमारी के चलते उसकी मानसिक हालत भी कुछ ठीक नहीं थी।
शुक्रवार को वह अपने बेड से गायब हो गया। अफवाह यह उड़ गई कि कोरोना पॉजिटिव मरीज फरार हो गया। इसके बाद मेडिकल प्रशासन में हड़कंप मच गया। फिर पुलिस की मदद ली गई। पुलिस ने मरीज को पकडऩे के लिए ड्रोन कैमरे की सहायता ली। मरीज के संभावित इलाके में जाने वाले रास्तों पर ड्रोन से उसे तलाश किया गया। इस दौरान मरीज गंगानगर इलाके में सड़क पर बैठा दिखाई दिया। वहां के रहने वाले लोगों ने भी इसकी सूचना पुलिस को दी।
लोगों का कहना है कि युवक के हावभाव देखकर लगा कि वह कोरोना पॉजिटिव है तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक से पूछताछ के आधार पर उसके पिता को वहीं पर बुला लिया। मरीज के पिता ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। मरीज के मेडिकल कालेज से गायब होने पर एक बार फिर मेडिकल कालेज की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। प्राचार्य डा. आरसी गुप्ता का कहना है कि मेडिकल कालेज में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और हर आने-जाने वाले पर निगरानी रखी जा रही है।
Published on:
02 May 2020 12:59 pm
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