11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

योगी सरकार ने लगाया हाजी गल्ला और इकबाल समेत 11 कबाड़ियों पर गुंडा एक्ट

पिछली सरकारों में कुछ नेताओं का भी संरक्षण भी उन्हें प्राप्त था, हालांकि योगी सरकार में अब कार्रवाई का दौर जारी है।
2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Nitish Pandey

Aug 12, 2021

yogi_adityanath.jpg

CM Yogi

मेरठ. उत्तर प्रदेश (uttar Pradesh) की योगी सरकार (Yogi Government) ने बड़ा एक्शन लेते हुए चोरी की गाड़ियों के खरीद फरोख्त में शामिल हाजी गल्ला (Haji Galla) और इकबाल (Iqbal) समेत 11 बड़े कबाड़ियों पर गुंडा एक्ट (Gunda Act) के तहत कार्रवाई की है। इस कबाड़ियों पर आरोप है कि ये चोरी की गाड़ियों को आसानी से खपाने का काम करते थे। इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों का कहना है कि गाड़ियों के चोरी पर लगाम लगना लगभग तय है।

यह भी पढ़ें : सिख दंगों के 36 साल बाद जांच के लिए पहुंची SIT, इंसाफ की जगी उम्मीद

कार्रवाई से कबाड़ियों में हड़कंप

बताया जा रहा है कि बीते 20 सालों से मेरठ के सोती गंज बाजार में चोरी के गाड़ियों को खपाने का कारोबार खुलेआम चलता था, लेकिन उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अब ऐसे वाहन चोर गैंग पर कार्रवाई का हंटर चला दिया है। पुलिस कार्रवाई से ऐसे कबाड़ियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इन कारोबारियों की गिरफ्तारी के बाद कई जगह दबिश भी दी है, लेकिन अभी तक किसी अन्य की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। सभी आरोपी अपने परिवार को लेकर फरार हो गए हैं।

कभी नहीं हुई थी इतनी बड़ी कार्रवाई

चोरी की गाड़ियों को खपाने के इस कारोबार से कई कबाड़ी अरबपति बन गए है। पिछली सरकारों में कुछ नेताओं का भी संरक्षण भी उन्हें प्राप्त था, हालांकि योगी सरकार में अब कार्रवाई का दौर जारी है। बीते 20 साल में मेरठ के इस बाजार पर इतनी बड़ी कार्रवाई कभी नहीं हुई थी। वाहन चोरी और उसे खपाने के कारोबार में लिप्त एक कबाड़ी पर कुर्की और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस ने अब तक एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को कुर्क कर लिया है।

चोरी की गाड़ियों के लिए कुख्यात है सोतीगंज

दरअसल, बीते 20 सालों से चोरी की गाड़ियों को खपाने के लिए मेरठ का सोतीगंज बाजार प्रसिद्ध है। दो दशकों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली और हरियाणा में भी जो वाहन चोरी होते थे, उन्हें मेरठ के इसी बाजार में लाकर काट दिया जाता था और उनके पार्ट को दुकानों पर खुलेआम बेचा जाता था।

यह भी पढ़ें : आपराधिक छवि के हैं यूपी के 143 विधायक, एक को मिल चुकी है उम्रकैद की सजा