
BSP
मेरठ। यूपी में 2017 के विधानसभा चुनाव में बुरी तरह पराजित होने के बाद अब बहुजन समाज पार्टी ने अपने संगठन और इसके काम करने के तौर तरीकों में बदलाव करना शुरू कर दिया है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचों में परिवर्तन के बाद अब बसपा ने अभिवादन के तरीके में भी बदलाव किया है। हाईकमान की ओर से संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच समानता लाने के भाव से अब अभिवादन के दौरान किसी भी कार्यकर्ता के पैर छूने पर रोक लगा दी गई है।
बसपा के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, खुद पार्टी अध्यक्ष मायावती ने इसके लिए सभी जोनल कोऑर्डिनेटर समेत अन्य पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए बीएसपी के एक जोनल कोऑर्डिनेटर ने यह भी बताया है कि संगठन की ओर से अब बैठकों में अभिवादन के लिए सलाम, आदाब, नमस्कार और जयभीम आदि संबोधनों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। बीएसपी सुप्रीमो के निर्देश के बाद अब पार्टी के पदाधिकारी इस दिशा में बूथ स्तर तक इस आदेश पर अमल कराने में जुटे हुए हैं।
शुरू हुआ बूथ कमेटियों का पुनर्गठन
पार्टी के अभिवादन में बदलाव के साथ बीएसपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए भी अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी की ओर से पूर्व में भंग की गई बूथ कमिटियों को एक बार फिर गठित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। साथ ही इसमें कोई भी लापरवाही ना बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाध्यक्ष मोहित कुमार ने बताया कि पार्टी की ओर से बूथ कमेटियों के गठन के बाद जिलों के अधिक से अधिक लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए निर्देशित किया गया है।
मुस्लिम, दलित और अति पिछड़ों पर खास फोकस
मोहित कुमार ने बताया कि बहुजन समाज पार्टी के हाईकमान ने पार्टी के नेताओं को संगठन से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पार्टी ने दलित, अति पिछड़े और मुस्लिम समाज के लोगों पर ज्यादा ध्यान देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद बनाए रखने और पार्टी की रणनीति को उन तक पहुंचाने के लिए जिला कमेटी को सभी कार्यकर्ताओं से पूरा समन्वय रखने को भी कहा गया है।
Updated on:
19 Feb 2018, 9:10 AM IST
Published on:
19 Feb 2018, 9:10 AM IST
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