
कमलनाथ सरकार के बाद अब सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी लिया ये बड़ा फैसला
मेरठ. मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जहां शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में कांग्रेस आैर बसपा समेत अन्य राजनीतिक पार्टियों के नेताआें आैर कार्यकर्ताआें पर राजनीतिक दुर्भावना से दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने का एेलान कर दिया है। वहीं इसके बाद यूपी में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के शासनकाल में भाजपा नेताआें पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने का निर्णय लिया है। योगी सरकार ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक डाॅ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के खिलाफ 2006 आैर किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी पर 2007 में दर्ज मुकदमे को वापस लेने का फैसला किया है। इसे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा किए गए एेलान के बाद यूपी में बड़ा निर्णय माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तय किया है कि शिवराज सिंह चौहान के 15 वर्षों के शासनकाल के दौरान कांग्रेस, बसपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक दुर्भावना से दर्ज किए गए केस वापस होंगे। इसमें किसान आंदोलन के साथ ही मंदसौर गोलीकांड और एससीएसटी एक्ट को लेकर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामलों को भी शामिल किया जाएगा। इसी तर्ज पर अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में भाजपा के नेताआें पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का निर्णय किया है। बता दें कि इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक डाॅ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के खिलाफ 2006 में थाना सिविल लाइन में बलवा व सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर दर्ज मुकदमा शामिल है तो किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी पर 2007 में थाना खरखौदा में लूटपाट की संपत्ति प्राप्त करना आैर 2015 में भावनपुर में बलवा व अन्य धाराआें में दर्ज मुकदमा शामिल है।
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सरकार के विशेष सचिव जेपी सिंह ने पत्र के माध्यम से डीएम, एसपी व अभियोजन अधिकारी से इन दोनों नेताआें के खिलाफ मुकदमों की पूरी जानकारी, विवेचना में बरामदगी, केस डायरी में दर्ज साक्ष्य समेत कर्इ जानकारी मांगी हैं। साथ ही इस संबंध में डीएम, एसपी आैर अभियाेजन अधिकारी से स्पष्ट मत देने के लिए कहा है। माना जा रहा है कि जल्द ये अधिकारी अपने स्पष्ट मत शासन को भेजेंगे आैर दोनों के खिलाफ दर्ज वापस हो जाएंगे।
वहीं, इस मामले में डाॅ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि 2006 में विक्टोरिया अग्निकांड के दौरान डीआर्इजी ने यह मुकदमा कायम कराया था। उस दौरान हमने पूरी रात जागकर लोगों को बचाने का काम किया था आैर अगले दिन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से रस्सा कूदकर मुलाकात की थी। इसी घटनाक्रम में मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जो आपराधिक नहीं है। मैंने इसके लिए सरकार से मांग की थी।
Updated on:
21 Jan 2019, 1:29 PM IST
Published on:
21 Jan 2019, 1:29 PM IST
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