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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) नकली दवाई के बाद अब नकली मार्कशीट और डिग्री ( fake degree ) के गिरोह के रैकेट को पुलिस ने पकड़ा है। इस रैकेट के सदस्य युवक और युवतियों को 50 हजार में डॉक्टर और 30 हजार में इंजीनियर बनाते थे। मजे की बात कि इंटरनेट पर जांच के बाद भी मार्कशीट और डिग्री को कोई पकड़ नहीं सकता था। पुलिस ने गिरोह के पास से भारी मात्रा में विभिन्न नामी संस्थानों की फर्जी मार्कशीट डिग्री और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। यह गिरोह अवैध रूप से फर्जी दस्तावेजों, मार्कशीट व चिकित्सकीय डिग्रियां बनाकर लोगों से मोटी रकम की वसूली करता था। गिरोह का सरगना और उसकी पत्नी फरार है। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
थाना नौचंदी पुलिस ने जी ब्लॉक शास्त्रीनगर में अवैध रूप से चल रहे फर्जी दस्तावेजों, फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से एक आरोपी हर्षित बुद्धिराजा पुत्र विनोद बुद्धिराजा निवासी डी-ब्लाक को उसके मेडिकल थानाक्षेत्र स्थित ए-16 एस-1 कीर्ति पैलेस से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना मुख्य आरोपी जवाहर लाल रैना और उसकी पत्नी रीता रस्तौगी की तलाश शुरू कर दी है। जवाहर लाल रैना ही गिरोह का मास्टर माइंड है। पुलिस को मौके से भारी मात्रा में फर्जी मार्कशीट, डिप्लोमा प्रमाणपत्र, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, एनरोलमेन्ट, एनओसी, भरी व खाली एडमिशन एक्जामिनेशन फार्म व अन्य दस्तावेज, कम्प्यूटर, प्रिंटर, मोहरे, स्टीकर आदि बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पैसा कमाने के लिए गिरोह युवक युवतियों को फर्जी मार्कशीट, डिप्लोमा डिग्री आदि बनाकर देते थे।
Published on:
27 Jun 2021 04:45 pm
