
मेरठ। 25 करोड़ रुपये की पकड़ी गर्इ पुरानी करेंसी केस में इनकम टैक्स की टीम को जांच-पड़ताल में बड़ी कामयाबी मिली है। टीम को करोड़ों की सम्पत्ति के दस्तावेज मिले हैं, इसके साथ बेनामी सम्पत्ति के संकेत मिले हैं। हालांकि इस संबंध में विभागीय टीम ने अभी कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है। आरोपी संजीव मित्तल शुरू में 25 करोड़ की पुरानी करेंसी के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर रहा था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अकेले कमरे में घंटों पूछताछ में उसने कर्इ बातें इनकम टैक्स के अफसरों को बतार्इ हैं। पुरानी करेंसी किन-किन लोगों की हैं, इस मामले में जल्द ही ये लोग सामने आ सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो बिल्डर ने शहर के एेसे तीन एेसे लोगों के नाम बताए हैं, जो काफी रसूखदार हैं। विभागीय टीम अब इन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। साथ ही विभाग ने बिल्डर के यहां से जो डायरी कब्जे में ली है, उसमें करोड़ों की सम्पत्ति का लेन-देन का हिसाब बताया जा रहा है। इसमें काफी बेनामी सम्पत्ति भी शामिल है। परतापुर के राजकमल एन्क्लेव स्थित आरोपी बिल्डर संजीव मित्तल के घर आैर आफिस में इनकम टैक्स की टीम ने काफी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं।
लपेटे में आएंगे कर्इ
29 दिसंबर को राजकमल एन्क्लेव निवासी संजीव मित्तल के आफिस में 25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी पुलिस ने बरामद की थी। मौके से पुलिस ने चार लोगों की गिरफ्तारी भी की थी। उसी दिन बिल्डर के यहां जांच-पड़ताल भी की थी, लेकिन बिल्डर परिवार के साथ वहां से फरार हो गया था। इसी वजह से यह जांच अधूरी थी। बिल्डर के वापस आने के बाद इनकम टैक्स की टीम ने यहां गहनता से पड़ताल आैर पूछताछ की, जिससे बिल्डर संजीव की मुश्किलें आगे-आगे आैर बढ़ेंगी, क्योंकि इनकम टैक्स टीम ने बिल्डर से घंटों तक पुरानी करेंसी से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की आैर कर्इ महत्वपूर्ण जनकारी जुटार्इ।
Published on:
08 Feb 2018 11:17 am
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