
सरकारी नौकरी दिलाने वाला इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर तैनात कस्टम अधिकारी गिरफ्तार, जानिए क्यों
मेरठ। शिक्षा माफिया प्रतियोगिता भर्ती परीक्षा में काफी हावी हो चुके हैं। अभी तक तो प्रतियोगी परिक्षाओं में शिक्षक ही पकड़े जा रहे थे। अब कस्टम अधिकारी के पकड़े जाने से इस बात का पता चलता है कि इसके तार कितने गहरे तरीके से सिस्टम तक पहुंचे हुए हैं। परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट होना। इसके बाद उसे विषय विशेषज्ञों द्वारा साल्व करवाकर समय से अभ्यार्थियों तक पहुंचाना, इस बात को दर्शाता है कि पूरा काम किस तरह योजनाबद्ध तरीके से किया जाता है।
बैंक खातों की हो रही है जांच
मेरठ एसटीएफ ने इस मामले में कस्टम अधीक्षक विजय तोमर उर्फ नीटू को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ सीओ की मानें तो पेपर आउट करवाने का काम कस्टम अधीक्षक विजय तोमर करवाता था। एसटीएफ उसके बैंक खातों की जांच कर रही है। मेरठ एसटीएफ ने विजय को पुलिस लाइन के सामने से गेट नंबर एक के पास से गिरफ्तार दर्शाया है। वह दिल्ली में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के पास स्थित कस्टम कार्यालय में अधीक्षक के पद पर कार्यरत है। वह बागपत जिले के बड़ौत का रहने वाला है। एसटीएफ को उसके पास से कई उत्तरपुस्तिकाएं, कार, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और 150 रुपये बरामद हुए हैं। विजय ने एसटीएफ के सामने कबूल किया है कि वह पिछले दिनों हुई कई भर्ती परीक्षाओं में पास करवाने के नाम पर लाखों रुपये की डील अभ्यार्थियों से कर चुका है।
दस साल से कर रहा है यह काम
सीओ बृजेश सिंह ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ही साॅल्वर गैंग के सरगना विजय तोमर को गिरफ्तार किया गया है। बताते चलें कि 20 जनवरी को हुई सिविल कोर्ट स्टाफ भर्ती परीक्षा में एक अभ्यर्थी के पास वाट्सऐप से आॅसर शीट इसी कस्टम अधिकारी के मोबाइल फोन से आई थी। एसटीएफ के अनुसार विजय तोमर इस धंधे को करीब दस साल से कर रहा है।
Published on:
24 Jan 2019 02:05 pm
