
44 डिग्री तापमान में PM मोदी ने कूलर की हवा में दिया भाषण, जानिए दर्शकों के लिए लगे थे कितने कूलर
बागपत. बागपत में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में रविवार को लाखों लोग पहुंचे और उनके विचार सुने। इस दौरान पीएम मोदी ने आपने चार साल का लेखा जोखा जनता के सामने रखा और यूपीए सरकार को एक परिवार की पार्टी बताया। एक घंटे के भाषण में पीएम मोदी को सुनने के लिए लोग टकटकी लगाए बैठे रहे। इस दौरान बार-बार मोदी-मोदी के नारे भी लगाते रहे। 44 डिग्री तापमान पर भी लोगों का जोश देखने लायक था। हालांकि, लोगों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए 200 कूलर और 300 पंखे लगाये गये थे। पंडाल के अंदर का वातावरण ठंडा कर दिया गया था। खुद मोदी के मंच पर कूलर लगाकर गर्मी से बचाव किया जा रहा था । मंचासीन सभी अतिथि भी कूलर का ही आनंद ले रहे थे। पंडाल में भारी भीड़ होने के बाद भी व्यवस्था चाक चोबंद थी। वहीं, सुरक्षा कर्मी भी अपनी डयूटी पर डटे हुए थे।
इस मौके पर पीएम मोदी बिना नाम लिए कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि देश की जो एजेंसिया इनके समय में विकास के आंकड़े देती थीं, वही एजेंसियां जब उसी तरीके से नए आंकड़े जारी करती है और कहती है कि देश में तेजी से विकास हो रहा है, तो ये उनकी विश्वनीयता पर भी सवाल उठाने लगते हैं। पीएम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि एक परिवार की पूजा करने वाले कभी लोकतंत्र की पूजा नहीं कर सकते। ये सर्जिकल स्ट्राइक करने वाली देश की सेना के साहस को भी नकारते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भारत की तारीफ करती हैं, तो ये उन्हें भी डंडा लेकर दौड़ पड़ते हैं।
पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ग्रामोदय से भारत उदय की अवधारणा पर काम कर रही है। जब हम ग्रामोदय की बात करते हैं तो उसका केंद्र बिंदु मेरे देश का अन्नदाता, मेरा किसान है। इस वर्ष बजट में गांव और खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 14 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। मैं तो सुन रहा हूं कि अब किसानों के बीच भी एक झूठ फैलाया जा रहा है कि जो किसान खेत ठेके पर या बंटाई पर देगा, उससे 18 प्रतिशत जीएसटी लिया जाएगा। मैं अपने किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि ऐसी किसी अफवाह पर ध्यान नहीं दें, बल्कि जो अफवाह फैलाए, उसकी प्रशासन से शिकायत भी करें।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोग ये तक नहीं सोचते कि उनके झूठ की वजह से देश में किस तरह की अस्थिरता पैदा हो सकती है। चाहे दलितों पर अत्याचार से जुड़े कानून की बात हो या फिर आरक्षण की बात। झूठ बोलकर, अफवाह फैलाकर ये लोगों को भ्रमित करने की साजिश करते रहे हैं। आज देश के लोग देख रहे हैं कि अपने सियासी फायदे के लिए ये लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी खुलेआम झूठ बोल जाते हैं। जब हमारी सरकार गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देती है, तो भी ये उसका मजाक उड़ाते हैं। जब गरीब के लिए बैंक खाते खुलते हैं, तब भी इन्हें मजाक लगता है। पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार में सत्ता देखने के आदी ये लोग गरीब के लिए किए जा रहे हर काम को मजाक समझते हैं। इन्हें देश का विकास भी मजाक लगता है। उन्हें स्वच्छ भारत के लिए किया गया काम मजाक लगता है, उन्हें गरीब महिला के लिए बनाया गया शौचालय मजाक लगता है।
सच्चाई ये है कि गरीबों के लिए, दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों के लिए जो भी कार्य किया जाता है, कांग्रेस और उसके साथ चलने वाले दल या तो उसमें रोड़े अटकाने लगते हैं। या उसका मजाक उड़ाते हैं। सरकार ने पिछड़ी जातियों के सब-कैटेगराइजेशन के लिए कमीशन के गठन का निर्णय भी किया है। सरकार चाहती है कि OBC समुदाय में जो अति पिछड़े हैं, उन्हें सरकार और शिक्षण संस्थाओं में तय सीमा में रहते हुए आरक्षण का और ज्यादा फायदा मिले। दलितों के अत्याचार से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए Special Courts का गठन किया जा रहा है।
दलित और पिछड़े भाई-बहनों के लिए अवसरों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और न्याय के लिए भी बीते चार वर्षों में कई काम किए गए हैं। दलितों पर अत्याचार के कानून को हमने और कड़ा किया है। मैं आपको अनुभव के आधार पर कह सकता हूं, कि जिनके मन में स्वार्थ है वो सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाने वाली राजनीति करता है। वो लोकलुभाव राजनीति करता है। लेकिन जो सही मायनों में आपके हित में सोचता है, वो लोकहित की राजनीति करता है। ये हमारी सरकार के लिए सौभाग्य की बात है कि हम बाबा साहब आंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंच तीर्थ के तौर पर विकसित कर रहे हैं। दलितों और पिछड़ों के सशक्तिकरण और सम्मान के लिए बीते चार वर्षों में एक के बाद एक कई कदम उठाए गए हैं। चाहे वो स्वरोज़गार हो या फिर सामाजिक सुरक्षा, आज अनेक योजनाएं इस दिशा में काम कर रही हैं।
Published on:
27 May 2018 04:38 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
