
मेरठ। देश में लॉकडाउन 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है, हालांकि केंद्र सरकार ने इस बार राज्यों पर ज्यादा भार सौंपते हुए उन्हें ही यह तय करने का अधिकार दे दिया है कि क्या खोलना और क्या बंद रखना है। ऐसे में पूरी संभावना है कि जो जो जिले और क्षेत्र कोरोना मुक्त हो चुके हैं वहां व्यवसायिक के साथ औद्योगिक गतिविधियां भी शुरू कर दी जाएं। इन सभी छूट से मेरठ को शायद ही कोई लाभ मिल पाए। यहां लॉकडाउन पूर्व की तरह चलता रहेगा, बल्कि हफ्ते के दो दिन तो सुपर लॉकडाउन का पालन करना पड़ेगा। जनपद में सोमवार को सुपर लॉकडाउन रखा गया है। जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों ने इसका पालन कराने के लिए सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को गली-मोहल्ले से बाहर निकलने पर पाबंदी रहेगी।
बता दें कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के साथ ही राज्यों को ज्यादा छूट भी प्रदान कर दी है। 18 मई से शुरू होने वाले लॉकडाउन के चौथे चरण में वे राज्य जहां कोरोना के मामलों को नियंत्रित करने में सफल रहे हैं, वे अपने यहां कुछ छूट के साथ औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियां शुरू कर सकते हैं, लेकिन मेरठ में कोरोना के लगातार मामले बढ़ते रहने के कारण फिलहाल यहां किसी राहत की उम्मीद नहीं है। तमाम व्यवसायिक संस्थान और स्कूल कॉलेज पहले की तरह बंद रहेंगे। किराना की दुकानों को भी कुछ समय ही खोलने रखने की छूट रहेगी। मेरठ नगर निगम और कैंट का इलाका पहले से ही कंटेनमेंट जोन में है तो यहां वैसे भी कोई छूट नहीं दी गई है। कंटेनमेंट जोन में शराब की दुकान खोलने की भी अनुमति नहीं है।
जिस हिसाब से मेरठ में कोरोना संक्रमितों की संख्या रोजाना बढ़ रही है उससे इस बात की उम्मीद भी कम ही है कि फिलहाल कंटेनमेंट जोन का ठप्पा हट पाएगा। प्रशासन ने तो जिले में दो दिन सुपर लॉकडाउन लगाने की तैयारी कर ली है। इसके तहत सोमवार और गुरुवार को हफ्ते में दो दिन संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा। जिसमें सिर्फ दूध और दवा की दुकानों को सुबह कुछ घंटे खोलने की अनुमति होगी। बाकी सब्जी मंडी और किराना की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी।
Published on:
18 May 2020 10:16 am
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