
मेरठ। 20 दिसंबर को मेरठ (Meerut) में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के घर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वकीलों (Advocates) का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। इसमें शिया धर्म गुरू कासिम जैदी जो कि करबला के शाही इमाम भी हैं, के अलावा सीनियर वकील महमूद प्राचा मौजूद थे। इन दोनों के साथ 6 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। प्रतिनिधिमंडल ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और इंसाफ दिलाने का भी आश्वासन दिया।
इस दौरान एडवोकेट महमूद प्राचा ने बताया कि उन्होंने संविधान बचाओ कमेटी बनाई है, जिसके संयोजक भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर हैं। हम लोगों ने ये बात पूरी दुनिया के सामने उजागर की है। ये जो सीएए और एनआरसी है, यह केवल मुस्लिमों केे ही नहीं बल्कि दलितों के हितों के खिलाफ भी है। ओबीसी के खिलाफ भी है। अब जो पुलिस जुल्म और ज्यादती कर रही है या कोई मंत्री या जनप्रतिनिधि करता है तो वह बाबा साहब के बनाए कानून का उल्लंघन कर रहा है। उसको भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए, जैसी कि एक आम अपराधी को मिलती है।
पुलिस अधिकारियों ने बीती 20 दिसंबर को ज्यादती की, वर्दी का दुरूपयोग किया है, उसकी कोई प्रोटेक्शन इन लोगों के पास मौजूद नहीं है। हम इन लोगों को जेल भिजवाएंगे। बिल्कुल उसी तरह से जैसे आम अपराधी को जेल भेजा जाता है। हम यहां पर आए है पीडि़त लोगों से बातचीत की है। इन लोगों को हमने आश्वासन दिया है कि ये बिल्कुल भी घबराएं नहीं, हम इन लोगों के साथ हैं।
Published on:
02 Jan 2020 03:30 pm
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