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मेरठ। देश भर में बढ़ते कोरोना के संदिग्धों को देखते जिला प्रशासन ने भी जिले के सभी सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, जिम, स्वीमिंग पूल, क्लबों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। वहीं इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सभी जिला न्यायालयों को पत्र भेजकर अदालतों को 21 मार्च तक बंद करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि कोरोना से बचने और एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इसके बाद 21 मार्च को समीक्षा की जाएगी। उसके पश्चात अगर स्थिति साफ हुई तो जिला न्यायालयों को खोला जाएगा। अन्यथा बंदी की तिथि और आगे बढा दिया जाएगा।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सिर्फ विशेष मामलों की सुनवाई के लिए जिला जज और मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट तथा दीवानी मामलों की सुनवाई के लिए सिविल जज वरिष्ठ व कनिष्ठ वर्ग की अदालतें ही खुलेंगी। शेष सभी अदालतों में 21 मार्च तक न्यायिक कार्य नहीं होगा। इस दौरान सभी मुकदमों में सामान्य तारीखें लगा दी जाएंगी। विशेष परिस्थितियों के अलावा कॉमर्शियल कोर्ट, मोटर दावा अधिकरण, भूमि अधिग्रहण, सुधार व पुनर्वास अधिकरण भी बंद रहेंगे। वहीं जिले में अब स्कूल-कालेजों और इंस्टीट्यूटों का अवकाश आगामी 2 अप्रैल तक बढा दिया गया है।
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प्रदेश सरकार कोरोना वायरस को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है। कई राज्यों की तरह अब प्रदेश में भी दो अप्रैल तक स्कूल, कॉलेज और सिनेमाघर बंद करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सभी तरह की परीक्षाएं और प्रतियोगिताएं भी स्थगित कर दी गई हैं। देश में अब तक कोरोना वायरस के अबतक 126 और यूपी में 13 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं कोरोना से दो लोगों की मौत देश में हो चुकी है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद मंगलवार को सभी मेरठ की सभी अदालतों में कामकाज बंद कर दिया गया।
Published on:
17 Mar 2020 04:22 pm
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