
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने बादीपुरा गांव में हिजबुल मुजाहिद्दीन के 5 आतंकवादियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों में से एक कश्मीर यूनिवर्सिटी का एक असिस्टेंट प्रोफेसर मोहम्मद रफी भट भी है जो काफी दिनों से लापता बताया जा रहा था। यह आपेरशन कश्मीर घाटी में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की ओर से चलाए जा रहे 'ऑपरेशन ऑलआउट' में अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है। इस एनकाउंटर में चार खूंखार आतंकी मारे गए हैं। जिनमे मशहूर हिज्बुल आतंकी सद्दाम पाडर भी है। पुलिस ने बताया है कि इस घटना में सभी आतंकी मारे गए हैं।
आपेरशन आल आउट में बड़ी कामयाबी
शोपियां के वदीपुरा में हुए इस एनकाउंटर में सद्दाम के साथ-साथ मुहम्मद रफी भट्ट, बिलाल मौलवी और आदिल मलिक को भी मार दिया गया है। घटना में 5 नागरिकों के भी गोलीबारी में मारे जाने की खबर है। मुह्हमद रफ़ी भट्ट को सामने लाने के लिए सुरक्षा बलों ने उनके परिजनों को घटनास्थल पर बुलाया जिसके बाद वहां स्थनीय नागरिकों में रोष व्यापत हो गया।लेकिंन वह सामने नहीं आया और सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मारा गया।गांदरबल का रहनेवाला भट शुक्रवार से गायब था और कहा जा रहा है कि वह रविवार हिजबुल में शामिल होने वाला था।
घाटी में हिज्बुल के बुरहान गुट का सफाया
सद्दाम पाडर के मरने से कश्मीर घाटी में हिज्बुल का सफाया हो गया है। सद्दाम हिज्बुल का शीर्ष आतंकी कमांडर था। वह बुरहान ब्रिगेड में शामिल एकमात्र जीवित हिज्बुल कमांडर था। इस एनकाउंटर में 2 सुरक्षाकर्मी घायल भी हुए हैं जिनमे एक सेना का जवान है और एक पुलिस का।बताया जा रहा है कि एनकाउंटर में एसओजी के पुलिसकर्मी अनिल कुमार और 44 राजपूताना राइफल्स के जवान घायल हुए हैं।बुरहान गैंग का कमांडर सद्दाम बुरहान वानी और आदिल मलिक का बेहद करीबी था।
घाटी में तनाव, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस एनकाउंटर में आतंकियों के मारे जाने के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और सुरक्षा बलों पर पत्थर बाजी करने की कोशिश की। इसके बाद समूची कश्मीर घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर दक्षिण कश्मीर में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं।बता दें कि इससे पहले शनिवार को श्रीनगर के चटबल में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ हो गई थी जिसमे तीन आतंकवादियों को मार दिया गया है।
बता दें जम्मू कश्मीर राज्य में इधर फिर से आतंकी गतिविधियां बढ़ रही हैं।उधर सुरक्षाबल लगातार अपना तंत्र मजूत कर आतंकियों को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। सेना के बढ़ते दवाब के चलते और अपने अपने साथियों के लगातार मारे जाने से हताश आतंकी संगठन सोमवार सात मई को श्रीनगर में नागरिक सचिवालय के आयोजन के मौके पर या उससे पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। कल चटबल में किया गया आतंकी हमला इसी का विस्तार माना जा रहा है।
Published on:
6 May 2018, 5:28 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.