29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

महाभियोग : CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ याचिका पर 5 जजों की पीठ आज करेगी सुनवाई

वकील कपिल सिब्‍बल और प्रशांत भूषण की जिद के बावजूद मास्‍टर ऑफ रोस्‍टर ने जस्टिस चेलमेश्‍वर के बदले जस्टिस सीकरी को सुनवाई की जिम्‍मेदारी सौंपी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Dhirendra Kumar Mishra

•

Updated: 8 May 2018, 7:49 AM IST

cji deepak mishra

नई दिल्‍ली। कांग्रेस सहित सात दलों ने मिलकर चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा के खिलाफ कदाचार और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए महाभियोग का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्‍ताव को राज्‍यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया था। सोमवार को नायडू के फैसले के खिलाफ कांग्रेस सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर आज सुनवाई होगी। सुनवाई जस्टिस सीकरी की अध्‍यक्षता वाली पांच जजों की पीठ करेगी। इससे पहले सभापति के निर्णय को कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा और अमी याग्निक ने कोर्ट में चुनौती दी थी।

कर्नाटक चुनाव से पहले मणिशंकर अय्यर ने जिन्ना की तुलना महात्मा गांधी से की

पीठ में शामिल 5 जज
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को होने वाले कामकाज की सूची के अनुसार न्यायमूर्ति एके सिकरी, न्यायमूर्ति एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की पांच सदस्यीय संविधान पीठ नायडू के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुनवाई करेगी ।

कर्नाटक चुनाव: मोदी, शाह और बीजेपी को सीएम सिद्धारमैया ने भेजा मानहानि नोटिस

विरोधी गुट के 4 जज नहीं करेंगे सुनवाई
इस मामले में खास बात ये है कि इस याचिका को उन न्यायाधीशों के सामने सूचीबद्ध नहीं किया गया जो वरिष्ठता के क्रम में दूसरे से पांचवें स्थान पर हैं। ये न्यायाधीश जे चेलामेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकूर और कुरियन जोसेफ हैं। इन लोगों ने 12 जनवरी को प्रेंस कांफ्रेस कर जस्टिस दीपक मिश्रा पर कई आरोप लगाए थे। विवाद में शामिल होने की वजह से इन जजों को इस पीठ में नहीं रखा गया है। इस मामले में वरिष्‍ठ वकील कपिल सिब्‍बल और प्रशांत भूषण को जस्टिस चेलमेश्‍वर ने आज आने को कहा था। लेकिन उससे पहले सीजेआई ने सीकरी की पीठ को ये जिम्‍मेदारी सौंप दी। इस मामले में कांग्रेस सांसदों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण ने कोर्ट में कहा था सीजेआई मास्टर ऑफ रोस्टर जरूर हैं लेकिन ये मामला उनसे सीधे जुड़ा है। इसलिए सुनवाई का आदेश दूसरे वरिष्ठतम जज दें। जस्टिस चेलमेश्वर ने शुरआत में थोड़ी अनिच्छा जताई लेकिन वकीलों के बार बार अनुरोध पर उन्होंने कहा कि आप लोग कल आइए।

राज्‍यसभा के सभापति ने खारिज किया था प्रस्ताव
कांग्रेस सहित सात विपक्षी पार्टियों ने सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ कदाचार और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए महाभियोग का प्रस्ताव दिया था। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू ने विपक्ष के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए वैंकया नायडू ने विपक्षी दलों पर सवाल भी उठाए थे। नायडू ने कहा था कि यह तकनीकी तौर पर किसी भी तरह से मंजूर करने लायक नहीं है। कांग्रेस ने वेंकैया नायडू के फैसले को असंवैधानिक और गैरकानूनी करार दिया था।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग