
bihar flood
नई दिल्ली। मॉनसून आते ही बिहार में मुश्किलों ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। बिहार के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात के आसार हैं। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने बुधवार को बिहार के लिए एक नारंगी बुलेटिन जारी किया। इसमें राज्य में कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति पर भविष्यवाणी की गई। गौरतलब है कि कुछ दिनों से बिहार में भारी बारिश हो रही है।
केंद्रीय जल आयोग ने बिहार में गंडक और बूढ़ी गंडक नदी को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके लिए ऑरेंज फ्लड बुलेटिन से चेतावनी दी है। बुधवार सुबह 8 बजे तक बिहार में गंडक और बूढ़ी गंडक नदियां अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं।
सीडब्ल्यूसी की चेतावनी जारी कि बिहार के गोपालगंज जिले के डुमरियाघाट में गंडक नदी 62.4 मीटर के स्तर पर बह रही थी। यह 62.22 मीटर के खतरे के स्तर से 0.18 मीटर ऊपर है।
गंडक नदी का जलस्तर गंभीर निशान पर
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया में बूढ़ी गंडक नदी गंभीर स्तर पर बह रही है। दरअसल,नेपाल में भारी बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में बारिश के बाद गंडक नदी के जलस्तर में काफी वृद्धि देखने को मिल रही है।
वाल्मीकि नगर बराज से सवा तीन लाख घनसेक पानी छोड़े जाने से जल स्तर में करीब एक मीटर की बढ़ोतरी देखी गई है। सदर प्रखंड के निचले क्षेत्र में नदी का पानी घुसने के कारण लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।
सुरक्षित स्थलों पर ले जाने की कवायद जारी
गंडक नदी में नावों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। कई गांवों में नदी का पानी घुस गया है। गंडक नदी में बाढ़ का कहर दिख रहा है। इस दौरान मांझा के निमुइयां की सड़क ध्वस्त हो गई। सड़क बहने से पूरा परिचालन ठप हो गया है। बाढ़ के खतरे के कारण लोगों को सुरक्षित स्थलों पर ले जाने की कवायद जारी है।
Published on:
16 Jun 2021, 1:42 PM IST
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