
दिल्ली: यमुना ने किया खतरे के निशान को पार, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने काम शुरू
नई दिल्ली। उत्तर भारत में हो रही लगातार भारी बारिश ने दिल्ली और उससे सटे इलाकों के हालात असामान्य कर दिए हैं। आलम यह है कि घनी बारिश ने यमुना का जलस्तर बढ़ा दिया है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना ने दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। वहीं, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगाता छोड़े जा रहे पानी की वजह से शनिवार रात तक यमुना जलस्तर बढ़कर 205.3 मीटर तक पहुंच गया। मौजूदा समय में नदी का बहान खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है।
बैराज से छोड़ा 6 लाख क्यूसेक पानी
दरअसल, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से अब तक 6 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा जा चुका है, राजधानी में जिसका प्रभाव शाम तक देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि दिल्ली में पानी के प्रवेश के बाद यहां जलभराव की विकट समस्या खड़ी हो सकती है। नई दिल्ली को पीने का पानी मुहैया कराने वाले हथिनीकुंड बैराज से जारी पानी को शहर में पहुंचने में आमतौर पर 72 घंटों का समय लगता है।इसके साथ प्रशासन ने बिगड़ते हालातों की आशंका को ध्यान में रखते हुए यमुना तट पर बसे दर्जनों परिवारों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार को भी 1.36 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया गया था जबकि शुक्रवार को यह मात्रा 83,241 क्यूसेक रही थी। शनिवार को बैराज से 3.15 लाख क्यूसेक पानी बैराज से छोड़ा गया था, जिससे यमुना का जलस्तर अचानक खतरे का निशान पार कर गया।
दिल्ली सरकार की आपात बैठक
वहीं, यमुना का जलस्तर बढ़ता देख दिल्ली की सीएम ने शनिवार को अधिकारियों की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। बैठक के बाद सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर ले जाने का काम कर रहा है। यही नहीं राजधानी में सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली सरकार ने आपातकालीन स्थिति के लिए 1077 नंबर जारी किया है।
Published on:
29 Jul 2018, 9:27 AM IST
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