4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

1 जून से बदल जाएगा बर्फ का रंग, केंद्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम

सभी तरह की बर्फ का रंग एक जैसा होने के चलते लोगों की सेहत के लिए घातक दूषित बर्फ की पहचान करना मुश्किल होता था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Pritesh Gupta

•

Updated: 14 May 2018, 4:19 PM IST

Ice color

नई दिल्ली। केंद्र सरकार 1 जून 2018 से उपयोग के हिसाब से बर्फ का रंग बदलने जा रही है। यह फैसला खाने में इस्तेमाल हो रही दूषित बर्फ को रोकने के लिए लिया जा रहा है। केंद्र के इस फैसले के मुताबिक औद्योगिक उपयोग वाली बर्फ का रंग बदलकर नीला किया जाएगा, जबकि सिर्फ खाने वाली बर्फ का रंग सफेद रखा जाएगा। इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के भी प्रावधान किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पहले से लागू है यह व्यवस्था

महाराष्ट्र सरकार ने मार्च के अंत में औद्योगिक उपयोग वाली बर्फ का रंग बदलकर नीला करने की अधिसूचना जारी की थी। बजट सत्र में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने औद्योगिक बर्फ और खाद्य बर्फ का रंग अलग-अलग करने का कानून राज्य में लागू किया।

महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को भेजा था प्रस्ताव

राज्य में यह अधिसूचना लागू करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। केंद्र के खाद्य संरक्षा प्राधिकरण ने महाराष्ट्र का यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही देश के अन्य राज्यों में भी इस नियम का पालन करने का आदेश दिया गया है। अब महाराष्ट्र सरकार की इस व्यवस्था को देश के सभी राज्यों में लागू किया जाएगा।


200 अरब के ब्लैक मनी केस में उलझा चिदंबरम का परिवार, बीजेपी ने कहा 'कांग्रेस का नवाज शरीफ'

...इसलिए बदलेगा रंग

दूषित बर्फ के खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल के चलते हजारों लोग बीमार पड़ते थे। इसके बावजूद सरकार बर्फ बनाने वाली कंपनियों और बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं कर पाती थी, क्योंकि खाने में और उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली बर्फ का रंग एक जैसा होने के कारण पहचान कर पाना मुश्किल होता था। इसलिए अब रंगों में बदलाव करके पहचान आसान की जाएगी।

SC-ST एक्टः मॉनसून सत्र में सरकार उठाएगी ऐसा कदम कि न्यायिक चुनौती के भी बंद होंगे रास्ते

टैंकर माफिया ने पत्रकार को बंधक बनाकर पीटा, सरकारी पानी पर करता था वसूली