
Idian Flag: तिरंगा ऐसे बना हमारे देश का राष्ट्र ध्वज, जानें कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
नई दिल्ली। देश की स्वतंत्रता दिवस ( Independence day ) की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। कल यानी शनिवार को पूरा देश आजादी के जश्न ( independence Celebration ) में डूबा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) दिल्ली में लाल किले ( Red Fort in Delhi ) की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेगे। देश में जगह-जगह देशभक्ति के तराने गूंजेंगे, आयोजन होंगे और राष्ट्र ध्वज ( National flag ) फहराया जाएगा। ऐसे में हमारे मन में कहीं न कहीं यह सवाल उठता है कि तिरंगे को ही हमारे राष्ट्र ध्वज के रूप में क्यों स्वीकार किया गया। दरअसल, 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा ( Constituent Assembly of India ) की बैठक के दौरान राष्ट्र ध्वज के वर्तमान स्वरूप को अपनाया गया। जबकि 15 अगस्त 1947 ( 15 August 1947 ) और 26 जनवरी 1950 के बीच तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के तौर पर अपनाया गया।
दरअसल, हमारे राष्ट्रीय ध्वज का नाम तिरंगा इसमें शामिल तीन रंगों की वजह से पड़ा। इस तिरंगे को आंध्र प्रदेश के रहने वाले पिंगली वैंकैया ने बनाया था। आपको बता दें कि तिरंगे को फहराने के लिए कुछ नियम भी बनाए गए हैं।
Updated on:
14 Aug 2020 04:32 pm
Published on:
14 Aug 2020 04:18 pm
