
नई दिल्ली। झारखंड ( Jharkhand ) के धनबाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( ADJ ) उत्तम आनंद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में अब तक 243 लोगों को हिरासत में लिया गया है जबकि 17 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने के बाद अब इस मामले में तेजी से कार्रवाई हो रही है।
धनबाद पुलिस ने एक दिन पहले 243 लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार के मुताबिक जज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में 243 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है जबकि न्यायाधीश को टक्कर मारने वाले ऑटो की चोरी की प्राथमीकि दर्ज करने में देरी के लिए पाथरडीह थाने के प्रभारी उमेश मांझी को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा दुर्घटना के सीसीटीवी फुटेज ( CCTV Footage ) को सार्वजनिक करने पर प्रशिक्षु दरोगा आदर्श कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है। इस तरह इस मामले में दो अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।
हिरासत में लिए गए और गिरफ्तार लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
ये पूरा मामला
दरअसल एडीजे उत्तम आनंद 28 जुलाई को सुबह की सैर पर निकले थे और रास्ते में उन्हें एक ऑटो रिक्शे ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल ( SIT ) का गठन किया था जिसे उच्च न्यायालय ( High Court ) की निगरानी में मामले की जांच करनी है।
सीबीआई जांच की मांग
धनबाद में जज उत्तम आनंद की हत्या मामले में झारखंड सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। सरकार ने एक बयान में कहा कि सीएम हेमंत सोरेन ने सिफारिश की थी कि जज उत्तम आनंद के हिट एन -रन मामले में CBI हस्तक्षेप कर इस मामले की तह तक जाकर जांच करे।
जज के परिजनों का कहना है कि पहली नजर के आरोपी को हिरासत में लिया जा चुका है, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर है।
Published on:
2 Aug 2021, 2:08 PM IST
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