
नई दिल्ली। एक दौर था जब धर्मगुरु आसाराम के प्रति लोगों की आस्था चर पर हुआ करती थी। अब हाल ये है कि वो 2013 से जेल में बंद हैं और अपने बुरे कर्मों की वजह से जमानत भी नहीं ले पा रहे हैं। एक समय उनका रसूख ये था कि कोई उनके खिलाफ बोलने की तक जहमत नहीं उठाता था। उनके भक्तों का उनमें इतना विश्वास था कि उनके खिलाफ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं होते थे। भक्तों की इसी विराट आस्था ने उन्हें दंभी बना दिया और वो एक के बाद एक बुरे काम करते चले गए। इतना ही नहीं वह उल-जलूल बयानों के लिए चर्चित रहे हैं। अपने अजब गजब कृत्यों के चलते चर्चा में रहने वाले आसाराम कभी पानी की कमी के बीच हजारों लीटर पानी बर्बाद करने को जस्टिफाई करते दिखे तो कभी वह निर्भया मामले में यह कहते दिखे कि वह भाई बोल देती तो बच सकती थी।
आसाराम इन 5 बयानों के चलते रहे विवादों में
1. दिल्ली गैंगरेप में पीड़ित को दी ऐसी सलाह
वर्ष 2013 में आसाराम ने निर्भया गैंगरेप में ऐसा बयान दिया जिससे उनकी चारों तरफ किरकिरी हुई। इस अमानवीय घटना के बारे में उन्होंने कहा था कि केवल 5 से 6 दुष्कर्मी ही नहीं बल्कि बलात्कार की शिकार हुई बिटिया भी उतनी ही दोषी है जितने बलात्कारी। वह अपराधियों को भाई कहकर पुकार सकती थी। इससे उसकी इज्जत और जान भी बच सकती थी। क्या ताली एक हाथ से बज सकती है, मुझे तो ऐसा नहीं लगता।
2. राहुल गांधी पर सख्त टिप्पणी
2011 में आसाराम ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लिए कहा था कि वह कम बुद्धि वाले बबलू हैं। उनके इस बयानों के बाद ही मीडिया में राहुल गांधी को पप्पू कहा जाने लगा। यह बयान उन्होंने दिल्ली में यमुना किनारे आयोजित एक कार्यक्रम में दिया था।
3. मीडिया को लेकर दिया विवादास्पद बयान
आसाराम ने भारतीय मीडिया की भी तीखी आलोचना की। यहां तक कि वो हमलावर भी रहे। उन्होंने खुद को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हाथी चलता है तो कुत्ते भौकते हैं। इस पर बहुत ध्यान देने की जरुरत नहीं है।
4. सूरत में बर्बाद किया हजारों लीटर पानी
2013 की होली के दिन आसाराम ने सूरत में हजारों लीटर पानी बर्बाद कर डाला। उनके इस कृत्य पर जब सवालिया निशान उठाए गए तो उन्होंने पलटकर जवाब दिया था कि हम किसी सरकार या सरकार के बाप का पानी नहीं लेते। इसलिए किसी को चिल्लाने की जरूरत नहीं है।
5. दहेज कानून पर दिया विवादित बयान
बापू यही तक सीमित नहीं रहे। उनके विवादास्पद बयान केवल उन पर निशाना साधने वालों या उनके अच्छे-बुरे कर्मो पर सवाल उठाने वालों पर ही नहीं रहे। उन्होंने एक बार यह भी कहा कि हमने अक्सर देखा है ऐसे कानूनों का दुरुपयोग हुआ है। दहेज संबंधी कानून इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उनका कहना था कि दहेज की आड़ में महिलाएं पुरुषों को प्रताडि़त करती हैं।
Published on:
17 Apr 2018, 9:54 AM IST
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