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COVID-19: महाराष्ट्र में कोरोना का कहर, एंबुलेंस में 22 शव भरकर श्मशान पहुंची एंबुलेंस

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से मरने वाले 22 लोगों को एक साथ एंबुलेंस में भरकर श्मशान ले जाने की खबर सामने आई है।
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नई दिल्ली

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Mohit sharma

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Updated: 27 Apr 2021, 11:28 PM IST

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस ( Coronavirus in Maharashtra ) तबाही मचा रहा है। यहां बीड में कोरोना वायरस से मरने वाले 22 लोगों को एक साथ एंबुलेंस में भरकर श्मशान ले जाने की खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर यह मामला आते ही ही शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद जिला प्रशासन ने इसको लेकर सफाई दी। जिला प्रशासन ने इसके पीछे एंबुलेंस की भारी कमी को वजह बताया है। घटना रविवार रात बीड़ के अंबाजोगाई स्थित स्वामी रामानंद तीर्थ ग्रामीण राजकीय चिकित्सा कॉलेज की बताई जा रही है। यहां शवगृह में रखे शवों को अंतिम संस्कार के लिए श्मसान ले जाया जा रहा था।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मेडिकल कॉलेज के डीन शिवाजी शुक्रे ने घटना को लेकर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हॉस्पिटल प्रशासन के बाद पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल कोरोना महामारी के दौरान उनके पास कुल पांच एंबुलेंस थी, जिसमें से तीन को वापस ले लिया गया था। यही वजह है कि हॉस्पिटल का पूरा भार अब दो एंबुलेंस पर आ गया है। डीन ने बताया कि कोरोना संक्रमण से लोगों की मौतों के आंकड़ें में भारी उछाल आया है। कभी-कभी मृतकों के रिश्तेदारों को तलाशने में भी समय लगता है। उन्होंने बताया कि सवारगांव के कोरोना सेंटर से भी शवों को हमारे हॉस्पिटल में भेजा जा रहा है, क्योंकि उनके पास कोल्ड स्टोरेज नहीं है।

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डीन डॉक्टर शिवाजी शुक्रे ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस की कमी से शासन को अवगत कराते हुए 17 मार्च को एक पत्र भी लिखा है। इसके साथ ही अव्यवस्था को दूर करने के लिए अंबाजोगाई नगर परिषद को भी पत्र लिखा गया था कि सुबह आठ से रात दस बजे तक ही अंतिम संस्कार कराया जाए और हॉस्पिटल वार्ड से डेड बॉडी श्मशान में भेजी जाएं। इस बीच भाजपा नगर पार्षद सुरेश ढास ने हॉस्पिटल और स्थानीय नगर निकाय पर जमकर निशाना साधा है। भाजपा पार्षद ने कहा कि यहां केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति चल रही है।