
रामपुर। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद-आगरा हाइवे पर रामपुर शहर में शुक्रवार की सुबह 6 महीने की एक बच्ची अपने मां-बाप की निर्दयता के चलते कूड़े के डिब्बे में पाई गई थी। वहीं दूसरी ओर उस सुंदर सी बच्ची की तस्वीर देखकर सैकड़ों दंपत्ति उसे गोद लेने के लिए शनिवार को पुलिस स्टेशन और चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के पास पहुंच गए। लोगों में बच्ची को गोद लेने की ऐसी होड़ मची कि लगभग 100 के करीब लोग इसे गोद लेने पुलिस स्टेशन और चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के पास पहुंच गए।
ये दंपत्ति इस बच्ची को गोद लेने के लिए तत्पर दिखे। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय अधिकारियों ने बच्ची को अनाथालय भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पहले हम उसके जैविक (असली) मां-बाप का पता लगाएंगे। जो उसके माता-पिता होने का दावा करेगा पहले हम उसका डीएनए टेस्ट कराएंगे उसके बाद बच्ची उन्हें देंगे। हमने कई अखबारों में बच्ची के माता-पिता तक पहुंचने के लिए उसका फोटो भी छपवाया है।
वहीं मुरादाबाद चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष गुलजार अहमद का कहना है कि शनिवार से ही उनके पास बच्ची को गोद लेने के लिए लगातार फोन आ रहे हैं, इनमें अधिकतर वे लोग शामिल हैं, जो बेऔलाद हैं। उनका कहना है कि शनिवार को मुरादाबाद के चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के ऑफिस के बाहर कई सारे जोड़ों की लाइन लग गई थी। इसमें भीकनपुर-कुलवाड़ा के वे लोग भी शामिल थे, जिन्होंने एक दिन पहले बच्ची को बचाया था। गांव के निवासी मेहराज हुसैन ने कहा कि हम उम्मीद और प्रार्थना कर रहे हैं कि बच्ची के मां-बाप मिल जाएं और वह अपने घर पहुंच जाए।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि बच्ची को रामपुर के एक अनाथालय में भेजा गया है। प्रेसीडेंट गुलजार अहमद ने कहा, हम लोगों को बता रहे हैं कि हम अभी किसी को यह बच्ची नहीं सौंप सकते हैं, जब तक उसके मां-बाप के बारे में जांच पूरी ना हो जाए। इसके लिए पहले अखबार में नोटिस प्रकाशित किया जाएगा, जिससे असली मां-बाप को ढूंढा जा सके। वहीं चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के दूसरे सदस्य विंसेट राम ने बताया कि अगर बच्ची के असली मां-बाप नहूीं मिलते हैं, तब दो साल बाद ही उसको गोद दिया जा सकेगा।
Published on:
11 Feb 2018, 7:59 PM IST
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