
गैंगरेप के बाद में महिला को जिंदा जलाने का मामला, पुलिस वालों के खिलाफ हुई यह कार्रवाई
संभल. महिला के साथ हुई गैंगरेप और जिंदा जलाने की वारदात को लेकर पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। एडीजी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर चौकी इंजार्च व 2 कांस्टेबल को लाइनहाजिर कर दिया है। अधिकारियों की माने तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जलने से महिला की मौत की पूष्टि हुई है। वहीं गैंगरेप की हकीकत को जानने के लिए स्लाइड को फॉरेसिंक जांच के लिए भेजा गया है। एडीजी ने बगैर जांच के गैंगरेप न होने की बात कहने वाले एसपी के खिलाफ भी नाराजगी जताई है। घटना के बाद में पूरे मामले को लेकर अफसरों ने मृतका के गांव में डेरा डाला हुआ है। उधर एडीजी भी पूरे मामले में नजर बनाए हुए है। एडीजी ने पुलिस अफसरों को जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए है।
मालूम हो कि संभल के थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला का पति एनसीआर में मजदूरी करता है। महिला 14 साल के बेटे व 9 साल की बेटी के साथ गांव में ही रहती है। शुक्रवार रात को बेटा अपनी बुआ के घर पर रुका था, जबकि घर पर मां बेटी अकेले थीं। आरोप है कि रात में कुछ दबंग उनके घर आ गए और महिला के साथ में हथियारों के बल पर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। महिला ने कॉल कर यूपी 100 पर भी मदद मांगी, लेकिन फोन नहीं उठा। बाद में पीड़िता ने पूरे मामला अपने ममेरे भाइ्र को बताया। आरोप है कि देर रात दौबार से दबंग वापस आ गए। पास स्थित एक झोपडी में ले गए और वहां झोपडी को आग के हवाले कर दिया।
फोन करने के बाद में परिजन मौके पर पहुंचे तो महिला की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने गांव के ही आराम सिंह यादव, महावीर सिंह, चरन सिंह,गुल्लू व भौना के खिलाफ हत्या और गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया था। एसपी संभल आर एम भारद्वाज ने बताया कि गैंगरेप होने की बात से इंकार किया था। इस मामले में थाना रजपुरा में 234/18 मुकदमा व धारा 147/148/149/376D/ 302/201 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस उतरी बचाव में, हुआ था मृतका का आखिरी ऑडियो वायरल
मृतका की बेटी पूरे मामले में चश्मदीद गवाह है, मौत से पहले महिला और ममेरे भाई के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल भी हुआ है। जिसमें महिला ने सभी आरोपियों के नाम और उसके साथ हुई घटना जिक्र किया गया है। पुलिस अधिकारियों की माने तो मृतका ने यूपी 100 लखनऊ पर फोन किया गया था। फोन लोकल नेटवर्क कारणों से मृतिका का फोन यूपी 100 लखनऊ पर प्राप्त नहीं हुआ है।
मामला मीडिया में छाने के बाद में शासन तक हड़कंप मच गया। एडीजी प्रेम प्रकाश ने घटना स्थल पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने के आरोप में टीसीएल चौकी इंचार्ज विेरेंद्र सिंह, सिपाही हेमपाल और बसंत को लाइन हाजिर किया गया है। एडीजी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जलने से मौत की पूष्टि हुई है। वहीं महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की स्लाइड को फॉरेसिंक जांच के लिए भेजी गई है। पूरे मामले पर एडीजी भी नजर बनाए हुए है। वहीं डीएम आंनद कुमार, आईजी विनोद कुमार सिंह समेत अफसर भी गांव में डेरा डाले हुए है।
Updated on:
16 Jul 2018 01:54 pm
Published on:
16 Jul 2018 10:58 am
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