
मुरादाबाद: जनपद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए का आतंक पिछले कई सालों से बना हुआ है। जिसमें तेंदुए आए दिन अब इंसानों पर हमला कर रहे हैं। जी हां शुक्रवार को गांव खाईखेड़ा में उस समय चीखपुकार मच गयी। जब खेत में काम कर रही महिला के बच्चों के साथ खेल रहे एक बच्चे को तेंदुआ अपने जबड़े में भरकर भागने लगा। महिला ने हिम्मत दिखाते हुए दरांती लेकर शोर मचा दिया। जिस पर आसपास काम कर रहे ग्रामीण दौड़े तो तेंदुआ बच्चे को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया।
चारा लेने जा रही थी महिला
जानकारी के मुताबिक गांव खाईखेड़ा निवासी सुनील कुमार का छह वर्षीय पुत्र ईशांत कुमार गौरव बाल निकेतन रतूपुरा में एलकेजी में पढ़ता है। शुक्रवार को दोपहर तीन बजे वह गांव के ही अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान गांव की महिला सविता जंगल में पशुओं के लिए चारा लेने जा रही थी। सविता के साथ उसका बेटा मिथुन भी जाने लगा तभी ईशांत व अन्य बच्चे भी मिथुन के पीछे-पीछे जाने लगे। गांव से करीब 600 मीटर दूर सविता अपने खेत में बरसीन काटने लगी। वहीं, चारों बच्चे पास में ही खेलने लगे तभी गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने बच्चों पर हमला कर दिया। अन्य बच्चे तो शोर मचाते हुए वहां से भाग गए, लेकिन तेंदुए ने ईशांत को अपने जबड़े जकड़ लिया।
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महिला ने दिखाई हिम्मत
बच्चों ने सविता को इसकी जानकारी दी। सविता शोर मचाते हुए तेंदुए की तरफ दरांती लेकर दौड़ी। सविता का शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान लाठी डंडे लेकर आ गए। उन्होंने तेंदुए को घेर लिया। इस पर तेंदुआ ईशांत को छोड़कर गन्ने के खेत में भाग गया।
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खतरे से बाहर
ईशांत के घायल होने की सूचना मिलने पर उसके माता पिता और परिवार के लोग मौके पर आ गए। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
Published on:
08 Feb 2020 11:16 am
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