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मजदूर के खाते से हुआ 11 करोड़ का ट्रांजेक्शन, सवालों के घेरे में आया बैंक प्रबंधन

मजदूर ने बताया कि, कारोबारी ने उससे बैंक में खाता खोलने के लिए कागज मांगे थे, साथ ही ये भी कहा था कि, अब तुम्हें तुम्हारे खाते के जरिये ही तनख्वाह दी जाएगी, पर...
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मुरैना

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 8 Feb 2020, 5:12 PM IST

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मजदूर के खाते से हुआ 11 करोड़ का ट्रांजेक्शन, सवालों के घेरे में आया बैंक प्रबंधन

मुरैना/ जिले की सिटी कोतवाली पुलिस के सामने एक बार फिर बैंक गड़बड़ी का मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को चौंका दिया है। पुलिस के समक्ष आवेदन लेकर पहुंचे मजदूर ने कहा कि, उसकी कमाई इतनी नहीं होती कि, वो अपनी तन्ख्वाह का एक भी रुपया खाते में छोड़ सके। उसे मिलने वाले सभी पैसे वो महीने के खर्च के लिए निकाल लेता है। लेकिन, उसके पास आयकर विभाग द्वारा नोटिस आया है, जिसमें पूछा जा रहा है कि, उसके खाते में हुए 11 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का विवरण दे। जांच में सामने आया कि, मजदूर का मालिक और दूध कारोबारी उसके खाते से अवैध ट्रांजेक्शन करता था। मजदूर का खाता एक्सिस बैंक में खुला था।

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11 करोड़ का गोलमाल

बता दें कि, मुरैना जिले में रहने वाला मजदूर साहूकार सोनी गणेश पुरा में एक दूध कारोबारी के यहां काम करता था। पुलिस आवेदन में मजदूर ने बताया कि, कारोबारी ने उससे बैंक में खाता खोलने के लिए कागज मांगे थे, साथ ही ये भी कहा था कि, अब तुम्हें तुम्हारे खाते के जरिये ही तनख्वाह दी जाएगी। मजदूर के मुताबिक, कुछ महीनों तक तो रकम खाते के जरिये ही मिली, लेकिन बाद में उन्होंने ये कहकर दौबारा केश तनख्वाह देनी शुरु कर दी कि, अब कोई दिक्कत नहीं है। इसके बाद उसे खाते के संबंध में कुछ भी नहीं पता था। हालांकि, इस बीच कारोबारी मजदूर के खाते से ट्रांजेक्शन करता रहता था, लेकिन मजदूर को इसकी जानकारी नहीं थी। वर्ष 2018 में जब इनकम टैक्स द्वारा मजदूर को नोटिस भेजा गया, जिसमे कहा गया कि, उसके नाम से दो खाते हैं, जिनमें अब तक 11 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ, कृप्या बताएं कि, ये ट्रांजेक्शन कहां कहां किया गया है। मामले की जांच में एक्सिस बैंक प्रबंधकों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।

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नोटबंदी के समय भी बैंक कामला हुआ था उजागर

आपको याद हो कि, इसी थाना क्षेत्र में नोटबंदी के दौरान भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें एक मजदूर के खाते से 76.20 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ था। दरअसल, निरंजन सिंह नामक व्यक्ति नोटबंदी के दौरान शून्य बेलेंस पर खाता खोलने एक्सिस बैंक गया था। वहां बैंक प्रबंधन ने पूरे कागज लेकर फॉर्म पर हस्ताक्षर करा लिए और कहा कि किताब एक दो दिन में ले जाना। जब निरंजन सिंह दो तीन दिन बाद गया तो कहा गया कि, शून्य बेलेंस वाले खाते बनाने का नियम खत्म कर दिया गया है, इसलिए आपका खाता नहीं खोला गया जबकि उन्हीं कागजों पर करंट खाता खोलकर बैंक मैंनेजर आशीष जैन, सेल्स ऑफीसर विक्रम जैन ने नोटबंदी के समय पुराने नोट बदलने के लिए 76.20 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन फर्म संचालक नवीन कुमार जैन व सौरभ सिकरवार के खाते में कर दिया। निरंजन सिंह को जब पता चला तब इनटैक्स विभाग का नोटिस भेजा। उसने पुलिस को आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तब उसने पूर्व विधायक गजराज सिंह से पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखवाया उसके बाद पुलिस ने जांच की और मामला दर्ज किया।