वहीं, याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि उसकी पत्नी उसके बच्चे को अवैध रूप से भारत ले आई है। हालांकि पीठ ने अपने आदेश में कहा कि बच्चे की कस्टडी पर फैसला केवल उसके (बच्चे) सर्वोत्तम हित के आधार पर लिया जाएगा। आदेश में कहा गया, "याचिकाकर्ता के गुस्से के पिछले आचरण को ध्यान में रखते हुए, बच्चे की कस्टडी उसे सौंपना सुरक्षित नहीं होगा। इससे बच्चे के स्वस्थ और सुरक्षित पालन-पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।"