याचिकाकर्ता लड़की ने कोर्ट को यह भी बताया कि तस्वीर किसी ने उसे गिफ्ट में दी थी और इसलिए उसने घर में लगा दी थी। उसने आगे दावा किया कि वह बौद्ध धर्म का पालन करती है। उसने मांग की कि उसे 'महार' समुदाय के सदस्य के रूप में प्रमाणित किया जाए, जिसे अनुसूचित जाति के रूप में मान्यता प्राप्त है।