ऋषभ लखनऊ में ब्रोकर का काम करता है। वह रियल एस्टेट कारोबार में दबदबा बनाना चाहता था। इसके लिए उसने 2015 में अपने एक दोस्त से पिस्तौल ली थी।
ताबड़तोड़ फायरिंग, नहीं लगी किसी को भनक
ऋषभ ने वंदना को पांच गोलियां मारीं। फिर वह चुपचाप होटल से निकल गया। ऋषभ कमरे से जाते हुए सीसीटीवी में भी कैद हो गया। ऋषभ और वंदना में विवाद क्यों हुआ? बंदूक कहां से आई? आखिर दोनों के बीच उस रात क्या हुआ? पुलिस इसकी जांच कर रही है। लेकिन पांच गोलियां चलने के बाद भी होटल में कोई आवाज क्यों नहीं हुई? किसी को गोलीबारी की भनक कैसे नहीं लगी? इसे लेकर हैरानी जताई जा रही है।
मुंबई पुलिस ने दबोचा
वंदना को मौत के घाट उतारने के बाद ऋषभ मौके से भाग जाता है। उधर, हत्या की जानकारी मिलने के बाद हिंजवडी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल भेजती है। इधर ऋषभ तुरंत पुणे छोड़कर मुंबई भाग जाता है। पुणे पुलिस ने तुरंत मुंबई पुलिस को ऋषभ के बारे में जानकारी दी। चेकिंग के दौरान मुंबई पुलिस ने ऋषभ को गिरफ्तार कर लिया और हिंजवडी पुलिस को सौंप दिया। उसके पास से एक पिस्तौल बरामद हुई है। अधिकारियों ने बताया कि ऋषभ निगम ने अपराध कबूल कर लिया है। वंदना द्विवेदी के परिजन भी आ गए है। मामले की आगे की जांच जारी है।