
तुलजाभवानी की ज्योत लेकर लौट रहे 3 श्रद्धालुओं की मौत (Patrika File Photo)
Tuljabhavani Mandir Jyot: महाराष्ट्र में नवरात्रोत्सव से पहले दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। छत्रपति संभाजीनगर जिले में धुले-सोलापुर महामार्ग पर कचनेर फाटक के पास तेज रफ्तार आयशर ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक में बाइक फंस गई, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे करीब तीन किलोमीटर तक घसीटा। इस हादसे में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मृतक तीनों युवक तुलजापुर स्थित मां तुलजाभवानी मंदिर से देवी की ज्योत लेकर अपने गांव लौट रहे थे। वह छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुलताबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले गोलेगाव और जाफराबादवाडी के रहने वाले थे। त्योहार से ठीक पहले हुई इस दुखद घटना से पीड़ित के गांवों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
मिली जानकारी के अनुसार, खुलताबाद तालुका के गोलेगांव और जाफराबादवाड़ी के युवा हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धा के साथ तुलजापुर से मां तुलजाभवानी की ज्योत लेकर अपने गांव की ओर लौट रहे थे। कुछ श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे थे, जबकि उनके साथी बाइक से साथ चल रहे थे।
इसी दौरान रात के समय धुले-सोलापुर महामार्ग पर कचनेर फाटक के पास पीछे से आए तेज रफ्तार आयशर ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक ट्रक में फंस गई। आरोप है कि चालक ने ट्रक रोकने के बजाय बाइक को करीब तीन किलोमीटर तक घसीटते हुए आगे बढ़ा दिया।
इस भीषण दुर्घटना में अक्षय राजपूत की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल अमोल औटे और गोरख म्हसकर को उपचार के लिए छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। जबकि इस हादसे में शुभम अधाने घायल हुआ है। उसका अस्पताल में उपचार जारी है।
हादसे के बाद आयशर ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में चिकलठाना पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस हादसे की परिस्थितियों और फरार चालक के संबंध में आगे की जांच कर रही है। फिलहाल दुर्घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
नवरात्रि के दौरान मां तुलजाभवानी की ज्योत लाने की परंपरा निभाते इन युवाओं की सड़क हादसे में मौत ने उनके परिवारों और गांवों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस यात्रा से श्रद्धालु आस्था और उत्साह के साथ घर लौट रहे थे, वही यात्रा तीन परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गई।
Updated on:
11 Oct 2026 01:08 pm
Published on:
11 Oct 2026 01:04 pm
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