
फाइनेंस कंपनी के ऑफिस में किसान की हत्या का आरोप (Photo: X/@Maahibahubali and AI)
Loan Recovery Harassment Case: महाराष्ट्र के नांदेड़ में महज 10 हजार रुपये के कर्ज से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें एक किसान का शव निजी फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में फंदे से लटका मिला। मृतक की बेटी और मां ने आरोप लगाया है कि कर्ज वसूली के लिए किसान को बंधक बनाकर पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर फाइनेंस कंपनी के मालिक और दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और अपहरण का मामला दर्ज किया है। एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मृतक किसान की पहचान 40 वर्षीय चंद्रकांत शिंदे के रूप में हुई है। वह नांदेड़ जिले के मालकौथा गांव का रहने वाला था और उसके पास दो एकड़ कृषि भूमि थी। परिवार के अनुसार, चंद्रकांत ने खालसा फाइनेंस नाम की निजी वित्त कंपनी से 10 हजार रुपये उधार लिए थे।
परिजनों का आरोप है कि कर्ज की वसूली के सिलसिले में कंपनी के कर्मचारी बुधवार को चंद्रकांत को उसके गांव से अपने कार्यालय ले गए थे। इसके बाद शुक्रवार को चिखलीवाड़ी रोड स्थित कंपनी के कार्यालय में उसका शव फंदे से लटका हुआ मिला।
चंद्रकांत शिंदे के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है।
चंद्रकांत की बेटी रुपाली और मां सरजाबाई ने आरोप लगाया है कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने किसान को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। परिजनों को आशंका है कि इसी मारपीट के दौरान उसकी मौत हो गई और बाद में मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया।
परिवार ने यह भी दावा किया कि 10 हजार रुपये के मूल कर्ज के बदले कंपनी की ओर से 70 हजार रुपये चुकाने की मांग की जा रही थी। परिजनों के मुताबिक, कर्ज वसूली को लेकर किसान पर दबाव बनाया जा रहा था।
नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने बताया कि किसान के परिजनों की शिकायत के आधार पर फाइनेंस कंपनी के मालिक और दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और अपहरण का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर किसान को नांदेड़ लाने का आरोप है। मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।
अब पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि किसान को कार्यालय क्यों ले जाया गया था, उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस घटना में किन लोगों की भूमिका थी।
इस बीच, पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने निजी वित्त कंपनियों की ओर से कथित उत्पीड़न का सामना कर रहे किसानों से अपील की है कि वे किसी भी तरह का कठोर कदम उठाने के बजाय पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, चंद्रकांत शिंदे की मौत के मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
Updated on:
25 Oct 2026, 1:18 PM IST
Published on:
25 Oct 2026, 1:13 PM IST
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