
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Photo: IANS)
SIR Controversy: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में सियासी घमासान तेज हो गया है। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की नेता शाइना एनसी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में बचाने का आरोप लगाया। वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि 2029 तक न तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री रहेंगे और न ही अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर बने रहेंगे। दोनों नेताओं के बयान ऐसे समय में आए हैं, जब SIR और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता शाइना एनसी ने SIR प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कराना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों को वोट बैंक के रूप में बचाकर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखना चाहते हैं।
शाइना एनसी ने कहा कि राहुल गांधी को 2029 के लोकसभा चुनाव में करारी हार की आशंका है, इसलिए वह किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नए भारत में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
शाइना एनसी के इस बयान ने SIR को लेकर जारी राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। हालांकि, बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों को वोट बैंक के रूप में संरक्षण देने के उनके आरोप राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 2029 के लोकसभा चुनाव में फिर जीत हासिल करेंगे।
राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमित शाह 2029 तक गृह मंत्री नहीं रहेंगे और नरेंद्र मोदी भी प्रधानमंत्री पद पर नहीं बने रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के नेता भी अंदर से इस स्थिति को समझते हैं, इसलिए उनमें निराशा और हताशा है।
राउत का यह बयान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आया है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पदों को लेकर उनका दावा भविष्य से जुड़ी राजनीतिक टिप्पणी है, न कि कोई निश्चित घटनाक्रम।
SIR प्रक्रिया को लेकर अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया था कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध करके विपक्ष अवैध घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। इसके जवाब में संजय राउत ने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची से वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम भी हटा दिए जाते हैं, तो क्या उन्हें भी घुसपैठिया कहा जाएगा?
राउत ने दावा किया कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी सहित कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अधिकारियों के नाम हटाए जाने का भी जिक्र किया और अमित शाह से इस पर जवाब मांगा। राउत ने कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की परिभाषा में घुसपैठिया वह व्यक्ति है, जो भाजपा को वोट नहीं देता।
यह विवाद अमित शाह के उस बयान के बाद बढ़ा, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं को 2029 के लोकसभा चुनाव में बड़ी हार के लिए तैयार रहने की बात कही थी। शाह ने दावा किया था कि भाजपा और NDA अगले लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीतेंगे। इसके बाद SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
Updated on:
14 Oct 2026 02:52 pm
Published on:
14 Oct 2026 02:52 pm
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