बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनल के आदेशों पर कोई अंतरिम रोक नहीं है। ट्रिब्यूनल के आदेश को डेढ़ साल से अधिक समय बीत गए है, लेकिन इसे अभी लागू नहीं किया गया है। जो कि उचित नहीं है और इससे कानून का उद्देश्य विफल होता है। इसके साथ ही कोर्ट ने युवा जोड़े को कोर्ट के आदेश की प्रति उन्हें सौंपे जाने की तारीख से दस दिनों के भीतर संबंधित फ्लैट बुजुर्ग माता-पिता को सौंपने का निर्देश दिया। वहीँ, बेटे ने ट्रिब्यूनल के पहले आदेश को चुनौती दी है, इस पर हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का आदेश भी दिया है।