10 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘कभी भी भड़क सकता है गुस्सा, देश बचाना है’, उद्धव ठाकरे का शिवसैनिकों को बड़ा संदेश

Shiv Sena Uddhav Thackeray: उद्धव ठाकरे ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चिंता जताई और शिवसैनिकों से एकजुट रहने की अपील की।
2 min read
Google source verification

मुंबई

•

image

Dinesh Dubey

•

Oct 10, 2026

Uddhav Thackeray on BJP

उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान, देश के हालात पर जताई चिंता (Photo: IANS/File)

Maharashtra Politics: मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आगामी दशहरा रैली (दसरा मेळावा) की तैयारियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने देश के वर्तमान राजनीतिक माहौल पर चिंता व्यक्त की और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश में स्थिति तनावपूर्ण है और कभी भी हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने शिवसैनिकों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि अगर देश को बचाना है, तो सभी को मिलकर काम करना होगा।

‘देश का माहौल गर्म है, कभी भी भड़क सकती है स्थिति’

बैठक में पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि वर्तमान में देश का माहौल गर्म है और परिस्थितियां ऐसी हैं कि कभी भी भड़क सकती हैं। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का नेतृत्व करने वाले नेता कैसे तैयार हुए हैं, यह उन्होंने करीब से देखा है।

उद्धव ठाकरे ने पदाधिकारियों को संदेश दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में शिवसैनिकों का एकजुट रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश को बचाने के लिए सभी को एक साथ आकर काम करना होगा।

ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज से राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन शुरू करने वाली है।

दशहरा रैली में किन मुद्दों पर बोलेंगे उद्धव ठाकरे?

उद्धव ठाकरे ने संकेत दिया है कि वह दशहरा रैली के मंच से देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तार से अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि वह रैली में किन मुद्दों को प्रमुखता देंगे और सत्ताधारी दलों पर किस तरह निशाना साधेंगे।

दशहरा रैली शिवसेना की राजनीतिक परंपरा का अहम हिस्सा रही है। ऐसे में इस बार उद्धव ठाकरे के भाषण और उनके राजनीतिक संदेश पर महाराष्ट्र की राजनीति में नजरें टिकी रहेंगी।

महिला पदाधिकारियों को खास निर्देश, घर-घर पहुंचने पर जोर

बैठक में उद्धव ठाकरे ने महिला पदाधिकारियों को भी विशेष मार्गदर्शन दिया। उन्होंने आगामी दिनों में महिलाओं के बीच पार्टी का संपर्क बढ़ाने और उनके साथ संगठन का जुड़ाव मजबूत करने पर जोर दिया।

महिला पदाधिकारियों की भूमिका का महत्व बताते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘हम दरवाजे तक पहुंच सकते हैं, लेकिन आप रसोई तक पहुंच सकती हैं।’ इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने महिला पदाधिकारियों की उस क्षमता को रेखांकित किया, जिसके माध्यम से वे घरों तक पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर सकती हैं।

उन्होंने महिला पदाधिकारियों को घर-घर जाकर पार्टी की भूमिका समझाने, आम नागरिकों की समस्याएं जानने और उनकी शिकायतों को समझने की सलाह दी। इसके साथ ही महिलाओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने और उनसे संवाद मजबूत करने के निर्देश भी दिए।

दशहरा रैली की तैयारी के साथ संगठन मजबूत करने की रणनीति

उद्धव ठाकरे की इस बैठक से स्पष्ट संकेत मिलता है कि पार्टी एक ओर दशहरा रैली के लिए राजनीतिक संदेश तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है।

विशेष रूप से महिला पदाधिकारियों को घर-घर संपर्क बढ़ाने का निर्देश देना पार्टी की जनसंपर्क रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा सकता है। अब देखना होगा कि दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे देश की राजनीतिक स्थिति, सत्ताधारी दलों और महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों को लेकर क्या संदेश देते हैं।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग